वृद्ध के घर के सामने लगी भीड़।
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नगर के मोहल्ला नौखेल स्थित पायेवाली गली में शनिवार की सुबह एक बंद घर से वृद्ध की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। छानबीन में पता चला कि बुजुर्ग के हाथ-पांव बांधकर गला दबाकर उनकी हत्या की गई और उसके बाद हत्यारे शव को घर पर ही पड़ा छोड़ गए। प्रारंभिक जांच में मामला घर में रखी दो लाख रुपये की नकदी और डेढ़ लाख के जेवरात लूटने का निकलकर आ रहा है। मृतक बुजुर्ग घर पर अकेले रहते थे। उनके तीन पुत्र दिल्ली में रहकर काम करते हैं।
जानकारी के अनुसार गोरखा पुत्र नत्थू अपने दो भाइयों राजू और नवाब के साथ दिल्ली में रहते हैं। उनके पिता नत्थू नगर के अपने मकान में अकेले रहते थे। गोरखा के अनुसार वह कुछ दिन पूर्व सिकंदराराऊ आए थे और उन्होंने पिता को कुछ रुपये खर्च के लिए दिए थे। इसके अतिरिक्त दो लाख रुपये एक प्लॉट के एडवांस के लिए दिया था। गोरखा दिल्ली से अक्सर मोबाइल पर नत्थू से बात करता रहता था। 15 मार्च को गोरखा ने जब अपने पिता को फोन किया तो फोन स्विच ऑफ आया। इसके पश्चात गोरखा लगातार पिता के नंबर पर बात करने की कोशिश करते रहे, लेकिन बात नहीं हो पाई। अंतत: 16 मार्च की रात्रि में गोरखा सिकंदराराऊ आ गए। उन्होंने घर आकर देखा तो अंदर के कमरे में नत्थू की लाश जमीन पर पड़ी थी और लाश से बदबू आ रही थी। पिता का शव देख गोरखा हक्के-बक्के रह गए और रोने लगा। खबर फैलते ही मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और फिंगर प्रिंट आदि के लिये फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम बुला ली गई। सीओ राकेश वशिष्ठ और कोतवाल राजवीर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। तथ्यों की जानकारी ली। कोतवाल राजवीर सिंह ने बताया कि गोरखा के अनुसार पिता को उन्होंने जो दो लाख रुपये दिए थे, वह घर पर नहीं थे। डेढ़ लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात भी गायब मिले। ताज्जुब की बात रही कि मृतक की जेब में सात हजार रुपये मिले। हत्या की रिपोर्ट गोरखा ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई है। पुलिस को आशंका है कि बुजुर्ग की हत्या संभवत: गला दबाकर की गई है और सुबूत मिटाने की गरज से शव को कमरे में ही छोड़ दिया गया। घटना का जल्द राजफाश कर दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी। उधर, इस मामले में चेयरमैन के पति इकराम कुरैशी ने कहा कि नगर के मध्य इस की घटना चिंता पैदा करती है।