ई-रिक्शा चालक की हत्या के खुलासे से नाराज परिजन कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन करते।
ई-रिक्शा चालक की हत्या के खुलासे से नाखुश उसके परिजनों व रिश्तेदारों ने शुक्रवार की सुबह कोतवाली का घेराव किया। यहां पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तीसरे आरोपी को छोड़ने का आरोप लगाया। हालांकि कोतवाल के समझाने पर लोग शांत हो गए।
उल्लेखनीय है कि प्रशांत पुत्र रूपकिशोर माहौर निवासी बाला पट्टी नई बस्ती माहौर की हत्या कर उसका शव इगलास थाने के पिलखुनियां गांव के जंगल में स्थित अठपैरा कुएं में फेंक दिया गया था। वह ई-रिक्शा चलाता था।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हत्यारोपी अमन बघेल पुत्र मुन्ना लाल निवासी मिश्रीपुर थाना अकराबाद अलीगढ़ हाल निवास किराएदार खुशालीराम बाला पट्टी और सुरेश बघेल उर्फ संजय पुत्र राजवीर सिंह निवासी असरोई थाना इगलास को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपियों ने ही शव को कुएं से बरामद भी कराया।
इस पूरे मामले का गुरुवार की शाम एसपी जयप्रकाश ने कोतवाली में खुलासा किया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि प्रशांत की हत्या में एक और व्यक्ति शामिल था, जिसे पुलिस ने छोड़ दिया है। इसी बात से नाराज लोग शुक्रवार की सुबह कोतवाली पहुंच गए और जमकर हंगामा करते हुए नारेबाजी की। काफी देर बाद लोग शांत होकर वहां से चले गए।
ई-रिक्शा चालक की हत्या का खुलासा सही किया गया है। जहां से उसका शव बरामद किया गया, उस वक्त परिवार के लोग भी हमारे साथ मौजूद थे। कुछ लोगों ने परिवार के लोगों को गुमराह कर दिया था, जिन्हें हमने समझाया तो वह समझ गए। गलत खुलासे का आरोप निराधार है।
जेएस पंवार, कोतवाली सदर।