शासन स्तर से जिले की सिकंदराराऊ तहसील के मौहल्ला शीशगर में एक मेडीकल स्टोर पर नशे के इंजेक्शन की होने की सूचना पर औषधि निरीक्षक ने छापेमार कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान औषधि निरीक्षक ने 35 हजार रुपये की दवाओं को सील कर दिया। वही चार एंटीबायोटिक दवाओं के नमूने लिए गए। इस मौके पर कुछ पुराने बिल भी पकड़े गए।
गाजियाबाद क्षेत्र में औषधि विभाग की टीम ने एक फर्म पर छापेमार कार्रवाई थी। यहां छापेमार कार्रवाई के दौरान टीम को नशे के इंजेक्शन मिले थे। इस फर्म से यह जानकारी प्राप्त हुई कि नशे के इंजेक्शन अन्य जिलों में भी सप्लाई किए गए है। इस सूचना पर मुख्यालय से हाथरस की सिंकदराराऊ क्षेत्र में अब्दुल कादिर मेडीकल एजेंसी पर नशे के इंजेक्शन होने की जानकारी यहां औषधि निरीक्षक दीपक कुमार को दी गई।
सूचना पर गंभीरता बरतते हुए तुरंत उक्त दुकान पर छापेमार कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान यहां दवाओं का स्टॉक चेक किया गया। यहां 35 हजार रुपये की दवाओं के बिल उपलब्ध न होने पर दवाओं को सीज कर दिया गया। वहां मौके पर नशे के इंजेक्शन नहीं मिले। छापेमारी के दौरान कई पुराने बिल मिले। इन बिलों के बारे में मेडीकल संचालक स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। औषधि निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि बिलों के बारे में नोटिस देकर जानकारी मांगी जाएगी। उन्होंने बताया कि चार दवाओं के नमूने लिए गए है। ये दवाएं भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है। इनकी कंपनियों की भी जानकारी ली जा रही है। पूरी जांच होने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।