चंदपा क्षेत्र के गांव मीतई में रविवार सुबह विवाहिता का शव बंद कमरे में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लिया। विवाहिता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत आठ ससुरालियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जलेसर थाना क्षेत्र के गांव बढ़ावली की रहने वाली 21 वर्षीय रेनू की शादी करीब 19 महीने पहले 13 जनवरी 2016 में मीतई के 26 वर्षीय जीतेंद्र से हुई थी। रेनू के पिता सुखराम ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि शादी में उन्होंने चार लाख रुपये, बाइक, जेवरात और दहेज का सभी सामान दिया था। बावजूद इसके ससुराली दो लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। इसके लिए रेनू के साथ आए दिन मारपीट की जाती थी। कई बार पंचायतें भी हुईं लेकिन ससुराली अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। ससुरालियों ने रेनू से साफ कर दिया था कि अगर दो लाख रुपये नहीं दिए तो वह उसे जान से मार देंगे और पति जीतेंद्र की दूसरी शादी कर देंगे।
रविवार सुबह उन्हें पता चला कि ससुरालियों ने बेटी को मारकर फंदे पर लटका दिया है। वहीं आरोपी जीतेंद्र का कहना है कि रेनू से उसकी लव मैरिज हुई थी। छह महीने पहले ही रेनू ने बेटी एलिस को जन्म दिया था। पति-पत्नी के बीच कोई बड़ा विवाद नहीं था। शनिवार को परिवार के सभी सदस्य रात 11 बजे तक जागे थे। इसके बाद रेनू कमरे में सोने चली गई जबकि परिवार के दूसरे लोग बाहर आंगन में सोए। सुबह जब जीतेंद्र जागा तो रेनू को आवाज दी। रेनू के वापस आवाज न देने पर कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की।
दरवाजा बंद होने पर जीतेंद्र ने कमरे से झांककर देखा तो पैरों तले जमीन खिसक गई। रेनू का शव कमरे के पंखे से उसकी साड़ी के बने फंदे पर झूल रहा था। जीतेंद्र की चीख सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। सूचनापर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। चंदपा एसओ रमाकांत पचौरी का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। विवाहिता के पिता की शिकायत पर पति जीतेंद्र, ससुर कमल सिंह, सास बिमरा देवी, जेठ रामवीर, महेश, कुंवरपाल समेत आठ लोगों के विरुद्ध धारा 498 ए व 304 बी व दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा तीन व चार के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।