एक हफ्ते पहले 14 अगस्त की देर रात गांव कछपुरा के पास रेलवे ट्रैक के किनारे मिले 30 वर्षीय युवक के शव की शिनाख्त के लिए रविवार रात को उसकी कब्र खोदी गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कब्र से बाहर निकाले गए शव को परिजनों ने पहचान लिया। युवक का खतना होने के कारण उसका अंतिम संस्कार पुलिस ने मुस्लिम रीति रिवाज से कर दिया था।
बाद में मोहल्ला श्रीनगर के हिंदू परिवार ने मृतक के कपड़ों से उसकी पहचान ललुआ उर्फ कलुआ पुत्र लेखराज के रूप में करते हुए शव पर अपना दावा किया। इसके बाद बुधवार रात को डीएम के आदेश पर शव को बाहर निकाला गया और शव की शिनाख्त कराई गई। परिजनों ने शव की शिनाख्त करने के बाद कलुआ की हत्या की आशंका जाहिर करते हुए पुलिस से शिकायत की है।
पुलिस से शिकायत करते हुए ललुआ के भाई लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि वह श्रीनगर नई बस्ती का रहने वाला था। वह हलवाई का काम करता था। 14 अगस्त की शाम को पांच बजे उसके पांच-छह दोस्त उसे घर से बुलाकर ले गए थे। तभी से ललुआ लापता है। ललुआ का पता न चलने पर वह उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने 19 अगस्त को थाना हाथरस गेट गए थे। थाने में 14 अगस्त की रात 30 वर्षीय युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने की जानकारी हुई। युवक का मोबाइल और पेंट दिखाए तो वह ललुआ का ही था।
इस पर पुलिस ने बताया कि शिनाख्त न होने पर शव को दफना दिया है। डीएम के आदेश के बाद ही कब्र से शव को बाहर निकालकर उसकी शिनाख्त कराई जा सकती है। इस पर परिजनों ने 20 अगस्त को डीएम अमित कुमार सिंह से मिलकर गुहार लगाई। डीएम के आदेश पर एचसडीएम सदर अमिताभ यादव ने पुलिस की मदद से कब्र को खुदवाया। चेहरा देखकर परिजनों ने ललुआ की पहचान कर ली। लक्ष्मण ने पुलिस से शिकायत करते हुए कहा कि ललुआ को घर से ले जाने वाले दोस्तों ने ही उसकी हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया है। लक्ष्मण ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने को तहरीर दे दी है। कोतवाल जेएस पवार का कहना है कि मामले की जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।