हाथरस। एक शस्त्र लाइसेंस को लेकर कोतवाली पुलिस की रिपोर्ट अब सवालों के घेरे में है। रिपोर्ट को झूठा बताकर लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले शख्स ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने इस मामले में एसपी को तीन महीने में मामले का निस्तारण करने और झूठी रिपोर्ट लगाने वाले दरोगा के विरुद्ध सीआरपीसी की धारा 219 के तहत जांच करने को कहा है। मासूम नकवी के मुताबिक उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। महीनों बीतने के बाद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो वह हाईकोर्ट चले गए। कोर्ट के आदेश पर डीएम ने सदर कोतवाली पुलिस से रिपोर्ट मांग ली। तब के हल्का इंचार्ज एक दरोगा ने रिपोर्ट लगा दी। मासूम नकवी का कहना है कि बिना उनसे बात और पूछताछ किए पुलिस ने अपनी रिपोर्ट लगा दी, जो कि पूरी तरह झूठी और निराधार थी। इसके बाद नकवी ने फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और एक याचिका दायर की। 29 जनवरी को जज तरुण अग्रवाल और विनोद कुमार मिश्रा की बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए एसपी को इस संबंध में तीन महीने में अपनी जांच पूरी करने और संबंधित दरोगा के विरुद्ध जांच कराने को कहा है।
कोतवाली पुलिस से इस बारे में आख्या मांगी गई थी। हमने अपनी आख्या भेज दी है। कोर्ट का आदेश अभी मिला नहीं है। जो भी आदेश होगा, उसका पालन होगा।-एके सिंह, कोतवाल सदर