मनेंद्र पाठक हत्याकांड में शुक्रवार को अलीगढ़ के एसपी ग्रामीण जसवीर सिंह ने जांच-पड़ताल की और आरोपी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। एसपी ग्रामीण एडीजी आगरा के आदेश पर यहां जांच को आए थे। उनसे पहले इस मामले में अलीगढ़ के एसपी ट्रैफिक और कांशीराम नगर के एएसपी भी जांच कर चुके हैं।
मधु पाठक ने इस साल जून में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जमीनी विवाद में अपनी और बेटे की हत्या का अंदेशा जताया था। कोर्ट ने इस मामले में मुख्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 29 अक्तूबर को बेटे मनेंद्र की हत्या होने पर मधु पाठक ने फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और इसे कोर्ट की अवमानना बताया।
कोर्ट ने यूपी पुलिस को मामले की जांच के आदेश देते हुए आदेश की अवहेलना करने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए। एडीजी आगरा जोन ने अलीगढ़ के एसपी ग्रामीण जसवीर सिंह को इस मामले में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। एसपी ग्रामीण ने शुक्रवार को उन सभी पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जो इस बीच सदर कोतवाली में बतौर थानाध्यक्ष रहे और मेंडू गेट चौकी इंचार्ज रहे। शुक्रवार को इंस्पेक्टर सूर्यकांत द्विवेदी को छोड़कर बाकी सभी ने अपने बयान दर्ज करा दिए।
सूर्यकांत द्विवेदी किसी कारणवश यहां नहीं आ सके। इसके बाद एसपी ग्रामीण मधु पाठक के खातीखाना स्थित घर गए और उनसे मनेंद्र की हत्या के बारे में भी जानकारी की। उन्होंने बताया कि वह एडीजी के आदेश पर जांच को आए हैं और अपनी रिपोर्ट एडीजी को जल्द सौंप देंगे।