हत्या के आरोप में पिछले 23 वर्ष से से वांछित चल रहे बर्खास्त सिपाही को पुलिस ने रविवार को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब पुलिस न्यायालय के आदेश पर कुर्की के नोटिस चस्पा करने जनपद औरैया के थाना फफूंद क्षेत्र के गांव मुड़ी गई थी। पुलिस आरोपी को अपने साथ ले आई। सोमवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
बताते हैं कि वर्ष 1995 में थाना सासनी के गांव अमरपुर घना निवासी एक दलित शख्स की मौत हो गई थी। इससे पहले उसने अपने बयान में तत्कालीन पुलिस कर्मियों को दोषी बताते हुए दम तोड़ दिया था। तत्कालीन एसएसआई और एसआई को थाने से ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
आरोपी सिपाही उमेश चंद्र दुबे पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा और न मुकदमा में हाजिर हुआ और न ही जमानत कराई। नाम बदल बदलकर वह जगह-जगह रहता रहा। इसी आरोप में पुलिस विभाग द्वारा उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। अदालत ने बर्खास्त आरक्षी के विरुद्ध कुर्की के नोटिस जारी कर दिए। रविवार को सासनी पुलिस बर्खास्त आरक्षी के घर न्यायालय के आदेश पर कुर्की के नोटिस चस्पा करने गई थी। इस दौरान पुलिस ने बर्खास्त आरक्षी को दबोच लिया।