क्राइम न्यूज, अमर उजाला, हाथरस।
एडीजे कोर्ट संख्या प्रथम ने दुष्कर्म के एक मामले में एक अभियुक्त को दस साल कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसी न्यायालय ने दो बच्चों के कुकर्म के एक अभियुक्त को दोषी मानते हुए उसे भी दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों मामलों में अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
एडीजीसी हरिओम शर्मा ने बताया कि सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक गांव में 26 अक्तूबर 2015 को शाम साढ़े पांच बजे 15 वर्षीय एक किशोरी के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में कमरुद्दीन पुत्र अल्लादीन निवासी नगला ताहर थाना सिकंदराराऊ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
उन्होंने बताया कि मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम आशीष जैन के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने उसे दोषी पाते हुए दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। इसी न्यायालय ने दो बच्चों के साथ कुकर्म करने के एक आरोपी को भी 10 साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
इस मामले में एडीजीसी हरिओम शर्मा ने बताया कि सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव लालगढ़ी निवासी दुर्बेश उर्फ कालू 14 फरवरी 2017 को एक ग्रामीण के तीन साल और पांच साल के दो बच्चों को बहला-फुसला कर ले गया और उनके साथ कुकर्म किया। इससे दोनों बच्चे घायल भी हो गए। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
एडीजे प्रथम आशीष जैन ने इस अभियुक्त को इस मामले में दोषी मानते हुए उसे 10 साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे अ तिरिक्त कारावास भोगना होगा। दोनों मामलों में एडीजीसी हरिओम शर्मा ने पैरवी की।