फार्मर रजिस्ट्री करने वाले सर्वेयर की फर्जी आईडी बनाकर सरकारी धन अपने खाते में ट्रांसफर करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पूर्व में तहसील में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात रहा है और दो साल पहले फर्जी खतौनी बनाने के आरोप में भी गिरफ्तार हुआ था।
कोतवाली प्रभारी का कहना है कि मामले में सात साल से कम सजा का प्रावधान होने की वजह से आरोपी को जमानत पर छोड़ दिया गया।गिरफ्तार आरोपी दलवीर सिंह मोहल्ला दमदपुरा का रहने वाला है। जबकि उसका भतीजा नवनीत मौके से भाग गया। टीम और पुलिस को कमरे से लैपटॉप, कंप्यूटर और भारी मात्रा में सरकारी दस्तावेज बरामद हुए।
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मोहल्ला दमदपुरा के एक मकान में कुछ लोग कृषि विभाग के सर्वेयर की लॉगिन आईडी बनाकर फर्जी तरीके से फार्मर रजिस्ट्री बनाने का काम कर रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले भुगतान का पैसा अपने खातों में ट्रांसफर कर रहे हैं। सूचना पर जनपद स्तर से कृषि व राजस्व विभाग की टीम गठित बनाकर छापा मारा गया। इस दौरान पुलिस भी बुला ली गई।
पुलिस के अनुसार मौके से 55 आधार कार्ड की फोटोकॉपी, 38 बैंक पासबुक, 28 खतौनी, 19 घरौनी, 15 बैनामों की प्रतियां, लेखपाल रजिस्टर, बैंक डिस्चार्ज पत्र, एसडीएम व तहसीलदार कोर्ट के आदेश तथा आईडी-पासवर्ड लिखी डायरी बरामद हुई है।
राजस्व निरीक्षक यासीन खान की तहरीर पर दोनों चाचा-भतीजे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल शिवकुमार शर्मा ने बताया कि इससे पूर्व दलवीर के खिलाफ कोतवाली में चार नवंबर 2023 को धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तब यह तहसील में संविदा पर कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात था और उसे गिरफ्तार किया गया था।