आरोपी 80 वर्ष का एक वृद्ध व्यक्ति है और पीड़िता उसकी सगी नातिन है। प्रथम सूचना रिपोर्ट में घटना का समय और स्थान स्पष्ट नहीं है और मामले में कोई स्वतंत्र चक्षुदर्शी गवाह नहीं है। इन आधारों पर जमानत की अपील की गई।
हाथरस की पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग पोती के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी दादा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। पेट में दर्द उठने पर किशोरी के परिजनों को उसके गर्भधारण की जानकारी हुई थी।
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सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र निवासी 15 वर्षीय किशोरी ने 22 अगस्त को अपने ही दादा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने कहा था कि उसकी मां का निधन हो चुका है। वह पिता व दादा के साथ रहती थी। आरोप है कि पिता के काम पर चले जाने के बाद दादा उसके साथ गलत काम करते थे। कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
एक दिन पेट में असहनीय पीड़ा होने पर उसने चाची को घटना के बारे में बताया। चाची ने जांच कराई तो पता चला कि पीड़िता दो महीने की गर्भवती है। पुलिस ने आरोपी दादा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराओं में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। जमानत याचिका डालते अभियुक्त के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वह पूरी तरह निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है।
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आरोपी 80 वर्ष का एक वृद्ध व्यक्ति है और पीड़िता उसकी सगी नातिन है। प्रथम सूचना रिपोर्ट में घटना का समय और स्थान स्पष्ट नहीं है और मामले में कोई स्वतंत्र चक्षुदर्शी गवाह नहीं है। इन आधारों पर जमानत की अपील की गई। अभियोजन पक्ष ने अपील का कड़ा विरोध किया और दस्तावेज साक्ष्य व पीड़िता के बयानों का हवाला दिया। उपलब्ध साक्ष्य व अपराध की गंभीर प्रकृति को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने अभियुक्त के जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।