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जमीन के बदले नौकरी नहीं देने का मामला कोर्ट पहुंचा

Thu, 13 Jul 2017 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस। 
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Court
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रेलवे को अपनी भूमि अधिग्रहण में देेने वाले पांच किसानों के आश्रितों को अब रेलवे में नौकरी नहीं देने का मामला अब उच्च न्यायालय पहुंच गया। न्यायालय ने इस याचिका का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ताओं को मौका देते हुए कहा है कि वह दो महीने के भीतर इस मामले में एक नया प्रार्थना पत्र इस आदेश की प्रति के साथ दाखिल करें, ताकि उस पर कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपयुक्त निर्णय लिया जा सके।
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गौरतलब है कि जिले से गुजरने वाली डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेलवे लाइन के लिए रेलवे ने सिथरौली, राजपुर और भुकलारा के किसानों की जमीन अधिग्रहण की थी। इन जमीनों का रेलवे ने किसानों को मुआवजा भी दिया, लेकिन इन किसान परिवारों ने उच्च न्यायालय में स्थानीय समाजसेवी आदित्य कुमार पुत्र मूलचंद्र के नेतृत्व में इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक अपील दायर की।

अपील में किसानों के अधिवक्ता मनीष पाठक ने कहा कि रेलवे का यह ट्रैक माल भाड़े के लिए बन रहा है, जिससे रेलवे को आमदनी होगी। इसका जनता को कोई लाभ नहीं होगा। इसके लिए इन किसानों के बच्चों को नौकरी का भरोसा देकर इनसे रेलवे ने ट्रेनिंग भी कराई है, लेकिन अब नौकरी नहीं दी जा रही है। जबकि 2010 के रेल मंत्रालय का आदेश में कहा गया है कि रेलवे ट्रैक के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण की जा रही है, उन किसानों के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को रेल मंत्रालय द्वारा नौकरी दी जाएगी। रेलवे ने इस मामले में इस आदेश का अनुपालन नहीं किया। जिन किसानों से जमीन ली गई, उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी नहीं दी गई। इसे लेकर किसानों ने यह याचिका दायर की।  
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 अधिवक्ता की दलीलों से सहमत होकर उच्च न्यायालय ने किसान के बेटे आदित्य कुमार पुत्र मूलचंद्र, मोहित पुत्र गुलाब सिंह, अखिलेश कुमार अग्निहोत्री पुत्र धर्मवीर, हेमरतन पुत्र डोरीलाल तथा यादवेंद्र कुमार पुत्र सुभाषचंद्र निवासीगण गांव सिथरौली हाथरस को राहत दी है। इस मामले में किसानों की तरफ से अधिवक्ता शिवकांत मिश्रा व मनीष पाठक ने बहस की। इस मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय में डबल बेंच के सामने हुई, जिसमें उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विक्रमनाथ और राजीव लोचन मेहरोत्रा ने गंभीरता से लेते हुए विपक्षी संख्या दो मुख्य परियोजना प्रबंधक को दो माह का समय दिया है कि वह नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं। 
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