देविका देवेंद्र एस मंगलामुखी ने कहा कि सरकार ने हम जैसे लोगों को कहां से कहां पहुंचा दिया है। हम ऐसे राज्य में हैं, जहां सभी को समान अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने अंदर की प्रतिभा को खोजना चाहिए, जिससे कि उसके अंदर की कला को सम्मान मिल सके।
हाथरस महोत्सव में रविवार की देर रात बागला कॉलेज के मैदान में देश की पहली ट्रांसजेंडर कथक नृत्यांगना, राष्ट्रीय मीरा सम्मान से सम्मानित प्रमुख सदस्य एवं सलाहकार उप्र ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड, उप्र सरकार की कलाकार देविका देवेंद्र एस मंगलामुखी ने कथक-ए-अवध पर प्रस्तुति दी।
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कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने अपने सफर के बारे में दर्शकों को जानकारी दी। उन्होंने दर्शकों से कहा कि सरकार ने हम जैसे लोगों को कहां से कहां पहुंचा दिया है। हम ऐसे राज्य में हैं, जहां सभी को समान अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने अंदर की प्रतिभा को खोजना चाहिए, जिससे कि उसके अंदर की कला को सम्मान मिल सके।