नगर पालिका बोर्ड की बैठक में पहले प्रस्ताव पर ही सभासदों ने जमकर हंगामा किया। सभासद सफाई कर्मचारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी पर सहमत नहीं हुए और हंगामा करते हुए पहले पालिका कार्यालय में बायोमीट्रिक मशीन लगाने की मांग करने लगे। पहले ही प्रस्ताव पर 20 मिनट तक हंगामा चला।
अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन सभासदों ने एक नहीं सुनी और प्रस्ताव को अगली बोर्ड की बैठक में रखने के लिए कहा। इसके बाद 10 करोड़ के शेष छह प्रस्ताव मिनटों में पास हो गए। नगर पालिका परिषद कार्यालय में मंगलवार की दोपहर 12:30 बजे एडीएम प्रशांत तिवारी की अध्यक्षता में बैठक प्रस्तावित थी। दोपहर एक बजे बैठक शुरू हुई।
एडीएम ने सभासदों से परिचय किया और फिर प्रस्ताव पड़ने शुरू हुए। पहले प्रस्ताव पर ही एक सभासद ने माइक से आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि पहले पालिका कार्यालय में बायोमीट्रिक लगे। यहां अधिकारी कर्मचारी समय से नहीं आते, इसलिए प्रस्ताव संशोधित कर अगली बैठक में रखा जाए। कुछ सभासदों ने इस बात का समर्थन किया। एडीएम व ईओ ने समझाया कि इससे कर्मचारियों की निगरानी की जा सकेगी, लेकिन सभासद नहीं माने और हंगामा शुरू हो गया। सभासदों ने तर्क रखा कि सफाई निरीक्षक जब तक वार्डों में नहीं आएंगे, तब तक सफाई नहीं होगी। कुछ सभासदों ने कहा कि उन्हें प्रस्ताव समझ ही नहीं उठाया।
एडीएम ने प्रस्ताव के विरोध में हाथ उठवाए तो शुरुआत में केवल नौ सभासद ही सामने आए। जैसे ही प्रस्ताव पास करने का प्रयास किया। सभासद खड़े हो गए और हंगामा करने लगे। उन्होंने जोर देकर अन्य सभासदों को भी खड़ा कर लिया। इसके बाद प्रस्ताव को अगली बैठक में लाने के लिए मुहर लगाई गई। एडीएम ने बताया कि इसके लिए मोबाइल एप बनाया जाएगा, जो कर्मचारियों के फोन में होगा। इस पर करीब 10 लाख रुपये का व्यय होगा।
सफाई व्यवस्था में लगे वाहनों पर जीपीएस ट्रैकर लगाने का प्रस्ताव बिना पड़े ही पास कर दिया गया। इसके तहत ट्रैकर पर प्रति वाहन 4,838 रुपये का खर्च आएगा। दाऊजी मेला परिसर के मुख्य मार्गों के निर्माण का तीसरा प्रस्ताव भी बिना पड़े ही पास हो गया। अन्य चार प्रस्ताव भी मामूली बहस के बाद सर्वसम्मति से पास हो गए।
बैठक में गूंजा स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का मुद्दा
बोर्ड की बैठक में स्ट्रीट लाइट के रखरखाव पर हर महीने 15 से 16 लाख रुपये के खर्चे पर भी सवाल उठे। मनोनीत सभासद मूलचंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि स्ट्रीट लाइट नगर पालिका की हैं। सही करने वाले कर्मचारी पालिका के लगे हैं और संसाधन भी पालिका के प्रयोग हो रहे हैं। इसके बाद भी इतनी बड़ी राशि का व्यय क्यों हो रहा है? अन्य सभासदों ने कहा कि जबकि उनके क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट महीनों से खराब पड़ी हैं। एडीएम ने कहा कि इस पर काम चल रहा है। सभी वार्ड में लाइट लगवाई जाएंगी और हर खंभे की जियो टैगिंग होगी, जिससे निगरानी आसान होगी।
सफाई, सड़क निर्माण व पानी निकासी के मुद्दे भी उठे
साढ़े पांच महीने बाद हो रही बैठक में केवल सात प्रस्ताव थे। सीमा विस्तार वाले वार्डों के सभासदों ने कहा कि अभी उनके यहां न तो एक भी सड़क बनी है और न ही जलनिकासी के प्रबंध किए गए हैं। गलियों में पानी भरा रहता है। सफाई नहीं हो रही। वार्ड 23 के सभासद ने कहा कि उनके यहां दो पोखर हैं और दोनों ही ओवरफ्लो हैं। जलभराव से जनता नाराज है। एडीएम व ईओ ने अगली बोर्ड बैठकों में सभी सभासदों से प्रस्ताव लेकर इन्हें एजेंडे में शामिल करने का आश्वासन दिया।