नगर पालिका के टाउन हॉल में हुई बोर्ड की बैठक इस बार भी हंगामेदार रही। बैठक में सभासदों ने एक-दूसरे पर खूब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। हंगामे और शोर-शराबे के बीच 34 में से 31 प्रस्ताव पास हो गए। आरोपों से तिलमिलाए सभासदों ने एक दूसरे को खूब खरी-खोटी सुनाईं। पिछली बोर्ड बैठक स्थगित होने के लिए कई सभासदों को भी जिम्मेदार ठहराया गया।
निर्माण के नाम पर कमीशनखोरी करने के भी आरोप लगाए गए। एक सभासद ने जब नाम लेकर दूसरे सभासद को भ्रष्टाचारी कह दिया तो हंगामा शांत होने का नाम ले रहा था। बोर्ड की बैठक में चेयरमैन डौली माहौर अनुपस्थित रहीं तो सभासद वैभव गौतम को मनोनीत चेयरमैन बनाकर ईओ बालकृष्ण कुम्हेरिया के साथ मंच पर बिठाया गया।
सभासदों के बीच बार-बार नोक-झोंक को देखते हुए ईओ को हस्तक्षेप कर मामला शांत कराने में मशक्कत करनी पड़ी। काफी देर तक हंगामा होने के बाद ही बोर्ड बैठक शुरू हो सकी।
बोर्ड बैठक में प्रस्ताव संख्या एक 75 नग यूरीनल ब्लॉक आरएमटीवी यूपी की आपूर्ति, प्रस्ताव संख्या 16 राज्य वित्त आयोग से कराए जाने वाले निर्माण कार्यों में हुई वृद्धि के व्यय एवं भुगतान और प्रस्ताव संख्या 17 राज्य वित्त आयोग अवस्थापना विकास निधि 14वें वित्त आयोग की निधि से स्वीकृति कार्यों के पुनरीक्षण आगणन की स्वीकृति के संबंध में प्रस्तावों को आगामी बैठक में रखने के लिए कहा गया।
कुल 34 प्रस्तावों में से तीन प्रस्तावों को छोड़कर सभी 31 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गए। बैठक में सभासद आशीष गोयल, मनीष अग्रवाल पीपा, प्रदीप शर्मा, मनोज अग्निहोत्री, प्रशांत शर्मा, शिवकुमार वार्ष्णेय, रामजी लाल वर्मा, सुधा शर्मा, गीता प्रेमी, बीना जैन, कमल कर्दम, सुधीर बाबू, सुरेश चौधरी, देवेंद्र शर्मा, जाकिर, असलम बेग आदि सभासद थे।
नगर पालिका की बोर्ड बैठक में सभासद ही बैठ सकते हैं, लेकिन उनके प्रतिनिधि और महिला सभासदों के पतियों को जब टाउन हॉल से बाहर जाने के लिए कहा गया तो मामला गरमा गया। सभासद प्रतिनिधियों को जब बाहर निकाला गया तो हंगामा और शोर-शराबा हुआ। बाद में जब कोई बाहर नहीं निकला तो सभी को बैठने की अनुमति दी गई और तब जाकर बोर्ड की बैठक शुरू हो सकी।