जानलेवा हमले के पांच साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट हर्ष अग्रवाल ने अभियुक्त चंद्रपाल उर्फ सीपी को पांच साल चार महीने कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने एससी-एसटी एक्ट के आरोप से अभियुक्त को दोष मुक्त किया है।
नवीपुर कलां निवासी सुनील कुमार ने 30 जनवरी 2021 को कोतवाली सदर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनील के अनुसार उनका भाई राहुल ताऊ के बेटे रोहित के साथ नवीपुर कलां स्थित इंटर कॉलेज के निकट एक दुकान से सामान लेने गया था। वहां सामान लेने पर चंद्रपाल उर्फ सीपी से उसका झगड़ा हो गया था।
आरोप है कि सीपी ने राहुल को बेरहमी से पीटा। सिर पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया। जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की। पुलिस ने चंद्रपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट में प्रकरण ट्रायल पर था। दोनों पक्षों के गवाहों को सुनने के बाद सबूत के आधार पर न्यायालय ने शनिवार को चंद्रपाल को दोषी ठहराते हुए जानलेवा हमले में पांच साल चार महीने के कठोर कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जान से मारने की धमकी में एक साल और अभद्रता पर एक साल की सजा सुनाई है। एससी-एसटी एक्ट के आरोपों से चंद्रपाल को बरी किया गया है।