कृषि उत्पादन मंडी समिति की सब्जी मंडी में थोक आढ़ती एवं फुटकर सब्जी विक्रेताओं (पैकारों) के बीच कमीशन को लेकर विवाद हो गया। इसे लेकर मंडी समिति में आए किसानों की सब्जी और फलों की बिक्री नहीं हो सकी। परेशान किसान मंडी में सब्जी और फल नहीं बिकने पर अन्य मंडियों में अपने उत्पाद ले जाने के लिए मजबूर हो गए और वहां जाकर उन्हें अपने फल और सब्जियां बेचने पड़े।
मंडी के जानकारों की मानें तो अब तक सब्जी मंडी में आढ़तियों द्वारा किसान की सब्जी एवं फल फुटकर विक्रेताओं को बेचने पर सात प्रतिशत आढ़त ली जा रही थी, लेकिन आढ़तियों ने बुधवार को जीएसटी लागू होने की जानकारी देते हुए अपनी आढ़त बढ़ाकर सात प्रतिशत से नौ प्रतिशत कर दी। इसका फुटकर विक्रेताओं ने विरोध शुरू कर दिया।
फुटकर विक्रेताओं ने विरोध स्वरूप बुधवार को मंडी से फल और सब्जी भी नहीं खरीदे। बुधवार को जो किसान सब्जी और फल लेकर आए, उनकी सब्जी व फल नहीं बिकने के कारण उनको अन्य मंडियों में अपने उत्पाद लेकर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस दौरान आढ़तियों और फुटकर विक्रेताओं के बीच घंटों तक कहासुनी होती रही, लेकिन फुटकर विक्रेता आढ़तियों का कमीशन बढ़ाने के लिए तैयार ही नहीं हुए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच घंटों तक कहासुनी के बाद एक-दूसरे में झगड़े की नौबत भी आ गई।
-मंडी में फल-सब्जी आढ़ती और फुटकर विक्रेताओं के बीच कमीशन और उधारी का विवाद है। इस संबंध में दोनों पक्षों की शिकायत प्राप्त हुई हैं। दोनों से वार्ता कर समझौता करा दिया जाएगा।
-रामबाबू शर्मा, मंडी सचिव