सासनी में मंगलामुखियों के बीच विवाद थम नहीं रहा। 29 जनवरी को अशोक उर्फ मनचली के परिजनों ने आशा नगर स्थित बिंदिया मौसी के डेरे में रह रहे एक व्यक्ति को पकड़ लिया और जमकर हंगामा किया। महिलाओं का आरोप था कि बिंदिया मौसी पुरुषों को लालच देकर मंगलामुखी बना रही है। सूचना पाकर अलीगढ़, हाथरस और अन्य जिलों से मंगलामुखी थाने पर पहुंच गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। पुलिस ने अशोक उर्फ मनचली, उसकी पत्नी और अन्य महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
दरअसल, मंगलामुखियों के बीच विवाद की शुरुआत 25 जनवरी को उस वक्त हुई, जब मंगलामुखियों ने अशोक उर्फ मनचली पर हमला कर तीन मंगलामुखियों को घायल करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मनचली का शांति भंग के तहत चालान कर दिया था, लेकिन 26 जनवरी को कार्रवाई से असंतुष्ट मंगलामुखियों ने थाने पर पहुंचकर हंगामा किया था।
सीओ के हस्तक्षेप के बाद किन्नर एकता समिति ने अशोक उर्फ मनचली को अपने अखाड़े से बेदखल कर दिया था और लोगों से अपील की कि वह मनचली को कोई नेग न दें। 29 जनवरी को मनचली की पत्नी को सूचना मिली कि बिंदिया मौसी के घर पर एक पुरुष मंगलामुखी बनकर रह रहा है। अशोक के परिजन इस व्यक्ति को घर से बाहर सड़क पर ले आए और जमकर हंगामा किया। मनचली के परिजनों का आरोप है कि बिंदिया मौसी पुरुष को फर्जी किन्नर बनाने का गिरोह चला रही हैं।
हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस आ गई और दोनों पक्षों को थाने ले गई। बिंदिया ने कोतवाली में तहरीर देकर कहा है कि मनचली की पत्नी प्रेशा देवी, एक अन्य महिला प्रीति और बच्चों ने उनके घर आकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। बिंदिया ने उनके आरोपों को भी गलत बताया है। सूचना पाकर अन्य जिलों से भी मंगलामुखी थाने पर आ गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। सीओ योगेंद्रकृष्ण नारायण का कहना है कि बिंदिया की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।