शनिवार को चंदपा कोतवाली के गांव में पीड़ित बिटिया के घर के आगे बने खड़ंजे का भुगतान नहीं होने पर उसको बनाने वाला ठेकेदार ही उसे उखाड़ने पहुंच गया। जब वह खड़ंजा उखाड़ने लगा तो वहां पर तैनात सीआरपीएफ ने उसे रोक दिया। खड़जे को लेकर सीआरपीएफ और ठेकेदार सतीश शर्मा के मध्य बात होने लगी तो भीड़ एकत्र हो गई। ठेकेदार का कहना था कि उसे पिछले चार साल से इस खड़ंजे का करीब सवा चार लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। इससे वह बहुत परेशान है। अब उसके सामने आत्महत्या के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है।
गौरतलब है कि सितंबर 2020 में उक्त गांव में अनुसूचित जाति की बेटी से मारपीट हुई थी, उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। आरोपियों के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में तीन आरोपियों को न्यायालय ने बरी कर दिया था। एक आरोपी अभी भी जेल में है और उसका मुकदमा उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।