सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि के पिछले साल दो जुलाई को सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में आयोजित सत्संग में भगदड़ मच गई थी, जिसमें 121 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें करीब 250 लोग घायल हुए थे।
सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय में सत्संग हादसे के मामले में शनिवार को सुनवाई हुई। सत्र न्यायालय में अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ता एपी सिंह ने आरोपों पर बहस की। न्यायालय में 4 जनवरी को उनकी बहस पूरी नहीं हो पाई। इस मामले में न्यायालय में अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तिथि नियत की गई है।
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उल्लेखनीय है कि सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि के पिछले साल दो जुलाई को सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में आयोजित सत्संग में भगदड़ मच गई थी, जिसमें 121 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें करीब 250 लोग घायल हुए थे। न्यायालय में पुलिस ने इस मामले में 11 आरोपियों के विरुद्ध 3200 पेज का आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 676 गवाह बनाए हैं।
पुलिस ने मुख्य आरोपी देवप्रकाश मुधकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, रामप्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार और दलवीर सिंह को आरोपपत्र में आरोपी बनाया है। इस मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय में हो रही है। सत्र न्यायालय में शनिवार को आरोपी पेश हुए। अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ता एपी सिंह ने आरोपों पर बहस की। अधिवक्ता एपी सिंह की शनिवार को भी बहस पूरी नहीं हो पाई।