माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियां तेज हो गई हैं। परीक्षा शुरू होने में अब बमुश्किल आठ दिन बाकी रह गए हैं। अगले हफ्ते परिषद कार्यालय से परीक्षा सामग्री यहां पहुंचनी शुरू हो जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस सामग्री की सुरक्षा के उपाय शुरू कर दिए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी जल्द ही स्कूलों का मुआयना करेंगे और यह देखेंगे कि वहां परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं या नहीं। उन जगहों को भी चिह्नित किया जाएगा, जहां परीक्षा सामग्री रखवाई जानी है।
गौरतलब है कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा 15 मार्च से शुरू होनी है। परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शिक्षा विभाग के पास बहुत कम वक्त रह गया है। अगले हफ्ते से प्रश्न पत्र और अन्य गोपनीय सामग्री यहां पहुंचनी शुरू हो जाएगी।
नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए इस सामग्री की सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। यही वजह है कि डीएम ने डीआईओएस से साफ कह दिया है कि गोपनीय सामग्री की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर यह सामग्री इस तरह सुरक्षित रखवाई जाए कि वहां केंद्र व्यवस्थापक के अलावा कोई दूसरा पहुंच भी नहीं पाए।
सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करने का भी अनुरोध किया गया है। डीआईओएस जितेंद्र कुमार मलिक का कहना है कि वह जल्द ही परीक्षा केंद्रों पर जाकर गोपनीय सामग्री की सुरक्षा के इंतजाम देखेंगे। प्रश्न पत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के पूरे प्रयास किए जाएंगे।
दो दर्जन स्कूलों ने नहीं दिया स्टाफ का ब्योरा
हाथरस। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए इन दिनों डीआईओएस दफ्तर में शिक्षक और कर्मियों की ड्यूटी लगाने का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन अभी तक करीब दो दर्जन स्कूलों ने परीक्षा ड्यूटी के लिए अपने स्टाफ का ब्योरा डीआईओएस को मुहैया नहीं कराया है, जिससे ड्यूटी के काम को अंतिम रूप देने में मुश्किल हो रही है। डीआईओएस ने इन सभी स्कूल संचालकों को जल्द से जल्द अपने स्टाफ का ब्योरा भेजने के निर्देश दिए हैं और यह भी कहा है कि इसमें लापरवाही बरतने वाले प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।