केस नंबर- 1
गिजरौजी टॉप रोड की रहने वाली रानी ने बताया कि वह अपने पति वीरेंद्र व चार बच्चों के साथ छप्पर डाल कर रह रही हैं। बरसात के दिनों में तो बमुश्किल ही भीगने से बचा जाता है। कई बार सर्वे हो गया है, लेकिन अभी तक मकान नहीं मिला है।
केस नंबर 2
गिजरौली की रहने वाली मिठ्ठे देवी ने बताया कि अपने तीन बच्चों के साथ लंबे समय से कच्चे बने मकान पर तिरपाल डालकर गुजारा कर रही हैं।सर्दी के मौसम में तो ओस की बूंदे भी छत से टपकती रहती है। बारिश में तो अंदर रहना बहुत मुश्किल हो जाता है।
केस नंबर 3
नयाबांस के रहने प्रेम उम्र 70 वर्ष ने बताया कि अपने पत्नी के साथ यहां तिरपाल डालकर शुरू से रह रहे हैं। कई बार आवेदन करने के लिए गए थे, लेकिन आधार कार्ड ही नहीं बन पाया है। इस कारण अभी तक आवास नहीं मिला पाया है।
टिनशेड डाल रखा है। साइड में हवा रोकने के तिरपाल लगा रखी है ,जिससे कि सर्द हवाएं अंदर न आ सके। पीएम आवास योजना के तहत आवेदन किया है, लेकिन अभी तक आवास नहीं मिल सका है।-विमलेश कुमारी, सीर।
कच्चा मकान है। मकान की छतों को टिनशेड से ढ़क रखा है। आवास के लिए कई बार आवेदन कर लिया है,लेकिन अभी तक आवास नहीं मिल सका है। कई बार कार्यालय के चक्कर लगा लिए हैं।-राजकुमारी, सोखना।
अभी आवास योजना के तहत आवास देने के लक्ष्य प्राप्त नहीं हुए हैं। लक्ष्य प्राप्त होने पर ही आवंटन की प्रकिया शुरू हो सकेगी।-मनीष चौधरी, प्रभारी पीओ डूडा