मरीजों की बढ़ती संख्या और डॉक्टरों की कमी के चलते यह समस्या गंभीर हो चुकी है। इस अस्पताल में रोजाना 300 से अधिक महिला मरीज पहुंचती हैं, लेकिन पर्याप्त चिकित्सक न होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है।
हाथरस के बागला महिला जिला अस्पताल में 3 अक्तूबर सुबह ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगीं रहीं। महिला मरीज नौनिहालों को गोद में लिए घंटों अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। पर्चा बनवाने में ही एक-एक घंटे से ज्यादा समय लग गया। वहीं डॉक्टर से परामर्श पाने में दो-दो घंटे तक की मशक्कत करनी पड़ी।
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मरीजों की बढ़ती संख्या और डॉक्टरों की कमी के चलते यह समस्या गंभीर हो चुकी है। इस अस्पताल में रोजाना 300 से अधिक महिला मरीज पहुंचती हैं, लेकिन पर्याप्त चिकित्सक न होने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में चिकित्सकों के 46 पद रिक्त हैं, जबकि जिला अस्पताल में 13 पद खाली पड़े हैं। महिला चिकित्सकों की स्थिति और भी चिंताजनक है। कुल 14 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 2 महिला चिकित्सक ही तैनात हैं।
शुक्रवार को महिला जिला अस्पताल में छोटे बच्चों को गोद में लेकर घंटों लाइन में लगना महिला मरीजों के लिए बेहद कठिन रहा। गंभीर मरीज भी इंतजार करते रहे। सीएमएस डाॅ. सूर्यप्रकाश का कहना है कि लगातार खाली पदों की जानकारी शासन को भेजी जा रही है। उम्मीद है कि शीघ्र ही नए चिकित्सकों की तैनाती से स्थिति में सुधार होगा। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्थायी समाधान के तौर पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं किए जाने पर भी विचार चल रहा है।
मैं करीब 11 बजे अस्पताल आई थी, अब 12:30 बज गए हैं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। एक ही डाक्टर हैं, तो काफी समय लगता है परामर्श लेने में। एक घंटे में पर्चा बन पाया है।-रीता निवासी गांव कपूरा।
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आज सुबह जल्दी घर से निकली थी कि जल्द ही दवा लेकर लौट आउंगी, लेकिन यहां बहुत भीड़ है। काफी देर से इंतजार कर रही हूं, लेकिन डाक्टर के पास पहुंचने का नंबर नहीं आया है। -सुमन निवासी गांव गढ़ी गिरधरा।
अस्पताल में काफी भीड़ है। एक-एक घंटे तक पर्चे की लाइन में लगना पड़ रहा है। दो घंटे में डॉक्टर के पास पहुंच पा रहे हैं। अगर सभी डाक्टर होते तो आराम रहता। मरीज बहुत ज्यादा हैं।-प्रवेश निवासी गांव बलना।