मुरसान सीएचसी पर तैयार हुआ एमएनसीयू वार्ड
- फोटो : संवाद
ऐसे बेहतर हो रहे हैं वार्ड
ओपीडी कक्ष से लेकर अलग-अलग वार्डों का कायाकल्प हो रहा है। पीएनसी वार्ड (प्रसव के बाद की देखरेख), केएमसी वार्ड (कम वजन वाले बच्चों के लिए), एनबीएसयू वार्ड (नवजात बच्चों के लिए), आईपीडी वार्ड (इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) में पीवीसी पैनल लगाकर पेंटिंग की जा रही है। नए बेड, गद्दे और पर्दे लगाए जा रहे हैं। बच्चों और महिलाओं की पसंद के अनुसार वार्डों का रंग तय किया जा रहा है। प्रत्येक सीएचसी पर मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट (एमएनसीयू) बनाया जा रहा है। इसमें एनबीएसयू व पीएनसी वार्ड को एक किया जा रहा है। जिसमें बच्चों के उपचार की मशीनों को मां के पास ही रखा जाएगा। इससे नवजात मां के सामने रहेंगे। इसके अलावा केंद्रों पर डिस्पेंसरी, पीने के पानी, टॉयलेट आदि की भी व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है।
यह हो रहे प्रमुख बदलाव
- पिंक वार्ड : महिला मरीजों के लिए विशेष पिंक वार्ड तैयार किए जा रहे हैं, जहां उन्हें सुरक्षा और आरामदायक वातावरण मिलेगा।
- एमएनसीयू : नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट बनेगी, जहां बच्चों का उपचार किया जाएगा।
- बेहतर ओपीडी : अब मरीजों को पुरानी और जर्जर ओपीडी में इंतजार नहीं करना होगा। ओपीडी कक्षों को आधुनिक फर्नीचर, बेहतर लाइटिंग और बैठने की उत्तम व्यवस्था के साथ आकर्षक बनाया जा रहा है।
- सफाई पर जोर : वार्डों में साफ-सफाई पर जोर दिया जा रहा है। बेहतर और साफ बेड दिए जा रहे हैं। वार्डों की दीवारों पर पेंटिंग की जा रही है। सूचनात्मक बोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि मरीज परेशान न हो।
हाथरस के सात सीएचसी
1-हसायन, सादाबाद और मुरसान में काम लगभग पूरा
2-सासनी, महौ और सहपऊ में काम अब तक जारी
3-सिकंदराराऊ सीएचसी में जल्द होगी इसकी शुरुआत