अरारोट के बेस पर बनता है हर्बल गुलाल
जिले में तैयार होने वाला अधिकांश हर्बल गुलाल अरारोट के बेस पर बनाया जाता है। सामान्यत: मक्के से बने अरारोट में फूड या फ्रूट कलर मिलाकर सुरक्षित गुलाल तैयार किया जाता है। इसे त्वचा के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। कुछ वर्ष पहले तक खड़िया और सेलखड़ी जैसे तत्वों का उपयोग भी इसे बनाने में किया जाता था, जिससे सस्ता गुलाल तैयार होता था। हालांकि ऐसे उत्पादों की मांग अब काफी कम हो गई है और बाजार में गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जा रही है।
आज भी टेसू के फूलों की मांग
भले ही हर्बल गुलाल का चलन बढ़ गया है, लेकिन टेसू के फूलों की पारंपरिक मांग अभी भी बनी हुई है। होली के मौसम में जिले में 150 से 200 क्विंटल तक टेसू के फूलों की बिक्री हो जाती है। कई परिवार आज भी प्राकृतिक रंगों से होली खेलने को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि अब हाथरस में टेसू की खेती नहीं के बराबर है। अधिकतर फूल राजस्थान और मध्य प्रदेश से मंगाए जाते हैं। फुटकर बाजार में इनकी कीमत 80 से 150 रुपये प्रति किलो तक है।