500 और 1000 के नोटों का प्रचलन बंद होने से आए भूचाल से हाथरस भी हिल उठा। जिला मुख्यालय से लेकर गांव और कस्बों तक सुबह से ही जबर्दस्त अफरा-तफरी और बदहवासी का माहौल रहा। हर किसी की कोशिश रही कि कैसे भी हजार-पांच सौ के नोटों से मुक्ति मिल जाए।
नोटों को लेकर लोग बैंक, सराफा कारोबारी और अन्य ऐसे ठिकानों पर भटकते नजर आए, जहां से नोट बदलने की उम्मीद थी, लेकिन सभी जगह से उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। लोगों के पास मौजूद हजारों-लाखों की करेंसी रातों-रात रद्दी में बदल गई। इसका सीधा असर शहर के उद्योग-व्यापार और आम आदमी की रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ा।
लेन-देन में आई इस रुकावट से बाजार में व्यापार ठप हो गया। न तो ग्राहक चाहते हुए भी चीजें खरीद सके और न हीं दुकानदार उन्हें माल बेच सके। जिनके पास छोटे नोट थे, वो ही खरीदारी कर ले जाने में सफल रहे। छोटे नोट नहीं होने से लोग आटा, दाल, चावल, दूध, सब्जी, घी-तेल जैसी रोजमर्रा की जरूरी चीजें खरीदने को भी मोहताज हो गए।
पैसे होने के बावजूद कई मजदूर तो बाजार से खाना तक खरीदकर नहीं खा सके। चाय-पान की खरीदारी के लिए भी दिन भर पापड़ बेलने पड़े।
500-1,000 के नोटों का प्रचलन बंद होने के ऐलान का सबसे बड़ा असर पेट्रोल पंपों पर पड़ा। यहां मंगलवार रात से लगी लाइनें बुधवार को शाम ढलने तक कायम रहीं। जो आम दिनों में 100-500 रुपये का तेल भरवाते थे, वह 500-1000 रुपये का तेल भरवाने को मजबूर हुए। खुले पैसों के लिए कई बार दुकानों और पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों की नोक-झोंक हुई।
दिन भर हर तरफ हंगामे और मारामारी के हालात रहे। ऐसे में कानून-व्यवस्था संभालने में पुलिस-प्रशासन के पसीने तो छूटने ही थे। गौरतलब है कि पीएम ने अपनी घोषणा में साफ कहा था कि 11 नवंबर की रात 12 बजे तक पेट्रोल पंपों पर 500-1000 के नोट लिए जाएंगे, लेकिन यहां तो बुधवार को सुबह होते ही पंप मालिकों ने इन्हें लेने में आनाकानी शुरू कर दी। लिए भी तो इस शर्त के साथ कि 500 से कम का पेट्रोल नहीं भरा जाएगा।
कस्बा मेंडू में बुधवार की सुबह गैस एजेंसी पर 1000-500 के नोट स्वीकार नहीं किए जाने पर उपभोक्ताओं ने हंगामा काटा। उपभोक्ताओं का कहना था कि इन नोटों की वजह से उन्हें रीफिल नहीं दी जा रही, जबकि उनके घर में गैस नहीं है और खाना बनाने के लिए भी लाले पड़ रहे हैं। बताते हैं कि वहां पुलिस भी पहुंची। जैसे-तैसे हालात संभाले गए।
कृषि उत्पादन मंडी समिति में अपना अनाज बेचने आए किसानों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बैंक बंद थे, आढ़तियों के पास जौ रकम थी, उनमें पांच सौ और एक हजार के नोट थे। लेकिन किसानों ने इन नोटों को लेने से इंकार कर दिया। इससे मंडी में कारोबार ठप रहा।
नोक-झोंक और हंगामा होने पर जिले के कई पेट्रोल पंपों पर कड़ी सुरक्षा के बीच ग्राहकों को पुलिस सुरक्षा में ग्राहकों को पेट्रोल दी गई। जिले के कई पेट्रोल पंप बंद रहे। जो खुल रहे थे, उनमें से कुछ पेट्रोल पंप संचालकों ने इन नोटों को लेने से मना कर दिया। इधर, कुछ पेट्रोल पंप वालों की शर्त यह थी कि 500 या एक हजार रुपये की पेट्रोल डलवानी होगी। इतने से कम में पेट्रोल नहीं मिलेगी। यह पेट्रोल पंप संचालक खुले रुपये नहीं होने की अपनी परेशानी ग्राहकों के सामने रख रहे थे।
रोडवेज बसों में सफर कर रहे यात्रियों ने जब परिचालक को पांच सौ या एक हजार का नोट देकर टिकट मांगी तो परिचालक ने साफ मना कर दिया। परिचालक बोले कि यह नोट बंद हो चुके हैं तो वह कैसे ले लें। इसे लेकर यात्री और परिचालकों में जमकर कहासुनी और हंगामा हुआ। परिचालकों ने कई यात्रियों को बसों से भी उतार दिया। बस स्टेशन इंचार्ज वीरी सिंह ने बताया कि डिपो की एक दिन की आय करीब सात लाख रुपये है। नोटों के बंद होने से अधिक नुकसान नहीं हुआ है।
बड़े नोट बंद होने के ऐलान से शादी वाले घरों में तेजी से चल रही तैयारियों की गति एकदम से रुक गईं। शादी वाले घरों में पांच सौ और एक हजार के नोटों को खर्च किया जा रहा था। कुछ घरों में दो दिन बाद शादी है तो कुछ घरों में एक सप्ताह बाद। शादी की तैयारियों में ब्रेक लगा तो परिवार के लोग भी परेशान हो उठे। बाजार सामान खरीदने गए तो किसी ने भी पांच सौ और एक हजार के नोट नहीं लिए। शादी वाले परिवार के सदस्य अब 100 और 50 के नोटों के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं, जिससे शादी के काम तेजी से हो सकें।
- छोटे भाई की 21 नवंबर की शादी है। शादी के बडे़ काम तो लगभग पूरे हो गए, लेकिन अब तो बाजार से खरीदारी बाकी रह गई है। बुधवार को बाजार गए तो किसी ने एक हजार और पांच के नोट नहीं लिए इसलिए वापस लौटना पड़ रहा है।
- मनीष गौतम, शादी वाले परिवार के सदस्य
भारत में पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने और अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के चलते शेयर मार्केट भी धड़ाम से जा गिरा। शेयर मार्केट एकदम गिरा तो शहर के निवेशकों की सांसें भी अटक गईं। मंगलवार की दोपहर साढ़े तीन बजे शेयर मार्केट 27,591 पर बंद हुआ था। मंगलवार की शाम जैसे ही पीएम मोदी ने 500 और 1000 के पुराने नोट बंद करने की घोषणा की तो बुधवार की सुबह नौ बजे शेयर मार्केट 26251 पर खुला और सबसे नीचे जाते हुए 25902 तक पहुंच गया। शेयर मार्केट सबसे नीचे जब पहुंचा तो निवेशकों भी हलचल मच गई।