500 और 1000 के नोट एकाएक बंद करने के केंद्र सरकार के फैसले से लोगों में खलबली मच गई है। इसको लेकर शहर से लेकर देहात तक देर रात तक अफरातफरी की स्थिति रही। लोग छोटी करेंसी लेने के लिए एटीएम की तरफ दौड़ पड़े, लेकिन वहां भी उन्हें मायूसी हाथ लगी।
शहर के ज्यादातर एटीएम से 500 और 1000 के नोट ही बाहर आ रहे थे। इधर अगले दो दिन एटीएम और एक दिन बैंकें बंद रहने के आदेश से लोगों को मुश्किल और बढ़ गई है। वहीं कई लोग केंद्र सरकार के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे काला धन पर रखने वालों पर लगाम कसेगी। यह देशहित में सबसे बेहतरीन कदम है।
500 और 1000 के पुराने नोट बदलने की प्रक्रिया सही समय पर शुरू हुई है। इसका स्वागत करना चाहिए। नंबर दो की करेंसी सामने आएगी।
अमित सबलोक, दवा व्यापारी, हाथरस
500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने से काला धन बाहर आएगा। लेकिन इससे आम जन को भी काफी परेशानी का समाना करना पड़ेगा।
बालेंदु शर्मा, थोक व्यापारी, हाथरस
मुझे तो कुछ पता ही नहीं था। लोगों ने आकर अचानक जानकारी दी। करीब दो हजार रुपये की दुकानदारी मारी गई है। हमें तो काफी नुकसान होगा।
मो. जीशान, पान विक्रेता, हाथरस
यह तुगलकी आदेश है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान आम आदमी और जनता का होगा। काला धन से ध्यान हटाने के लिए यह जल्दबाजी में लिया गया जनविरोधी फैसला है।
रामवीर उपाध्याय, पूर्व ऊर्जा मंत्री बसपा
यह केंद्र का जल्दबाजी में लिया गया बेहद निराशाजनक फैसला है। इससे आम जनता काफी प्रभावित हुई है। लोग अपने जरूरी काम आखिर कैसे होंगे।
देवेंद्र अग्रवाल, सपा विधायक सादाबाद।
इस फैसले के लिए सरकार को समय देना चाहिए था। यह गरीब और जन विरोधी फैसला है। केंद्र सरकार ने आर्थिक आपातकाल की स्थिति पैदा कर दी है।
चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, कांग्रेस नगर अध्यक्ष हाथरस।
यह सही समय पर लिया गया साहसिक निर्णय है। प्रधानमंत्री ने इससे भ्रष्टाचार, आतंकवाद और काला धन पर चोट की है। इससे माफिया, जमाखोर काला धन निकालने को मजबूर हो जाएंगे।
रामवीर सिंह परमार, जिलाध्यक्ष भाजपा