न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
ब्लॉक हसायन क्षेत्र में तैनात दो सफाई कर्मियों द्वारा ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव द्वारा जारी फर्जी उपस्थिति प्रमाण पत्र के जरिए लंबे समय से वेतन निकालने का मामला सामने आया है। यह मामला मंडलायुक्त के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान सामने आया था। अब इस मामले में डीपीआरओ बनवारी सिंह ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए दोनों सफाई कर्मियों को आरोप पत्र देते हुए स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है। डीपीआरओ ने दोनों सफाई कर्मियों के माह जुलाई के वेतन के भुगतान पर भी रोक लगा दी है।
पिछले दिनों ब्लॉक हसायन के गांव पोरा में मंडलायुक्त अजय दीप सिंह ने भ्रमण कर चौपाल लगाई थी। इस चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने अवगत कराया था कि गांव पोरा में तैनात सफाई कर्मी द्वारा सफाई कार्य नहीं किया जा रहा है और अपनी उपस्थिति पंजिका ग्राम पंचायत कार्यालय या प्राइमरी विद्यालय में न रखकर अपनी अभिरक्षा में ही रखी जाती है। इस मामले की जांच विभागीय अधिकारियों ने की। इस मामले की गंभीरता देखते हुए डीपीआरओ ने सफाई कर्मी राजू को आरोप पत्र दिया है। आरोप पत्र में कहा गया है कि सफाईकर्मी द्वारा ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा फर्जी उपस्थिति प्रमाण पत्र प्रस्तुुत कर वेतन प्राप्त किया जा रहा है। आरोप पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि क्यों न जून 2017 से जून 2019 तक बिना कार्य के प्राप्त किए गए 5,76,509 रुपये की वसूली की जाए। ऐसा ही एक मामला ब्लॉक हसायन में तैनात सफाईकर्मी योगराज का सामने आया है। इस सफाई कर्मी को भी फर्जी तरीके से उपस्थिति प्रमाण पत्र जारी कर भुगतान निकाला जा रहा था। अब मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीआरओ ने दोनों सफाईकर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया है और माह जुलाई के वेतन के भुगतान पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सचिव को निर्देश दिए हैं कि दोनों सफाईकर्मियों के दो माह के कार्य का रोस्टर एडीओ पंचायत के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए।