अर्पित सिंह ने बताया कि उसके नाम पर नियुक्ति में फर्जीवाडा 2017 में आया था, उस समय अलीगढ़ के अकराबाद सीएचसी में भी उनके नाम से एक टेक्नीशियन तैनात था। जांच शुरू होते ही वह भाग गया था। तत्कालीन सीएमओ डाॅ.रामवीर सिंह ने उस समय भी उनका सत्यापन कराया था।
अर्पित सिंह के नियुक्ति पत्र पर कई जिलों में छह एक्सरे टेक्नीशियन के नौकरी करने का मामला उजागर हुआ है। इनमें एक अर्पित सिंह मुरसान में सीएचसी पर भी तैनात है। उसका कहना है कि वही असली अर्पित सिंह है और उसकी पहले भी कई बार जांच हो चुकी है। इसकी पुष्टि सीएमओ भी कर रहे हैं।
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मुरसान सीएचसी पर तैनात अर्पित सिंह ने बताया कि उसके नाम पर नियुक्ति में फर्जीवाडा 2017 में आया था, उस समय अलीगढ़ के अकराबाद सीएचसी में भी उनके नाम से एक टेक्नीशियन तैनात था। जांच शुरू होते ही वह भाग गया था। तत्कालीन सीएमओ डाॅ.रामवीर सिंह ने उस समय भी उनका सत्यापन कराया था। अर्पित का दावा है कि उनका तो सभी बोर्ड से सत्यापन हो चुका है।
उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी होने पर उस समय यह मामला उजागर हुआ था। उन्होंने कहा कि यह फर्जीवाड़ा तो लखनऊ से हुआ है, क्योंकि पत्र निदेशालय से जारी होना दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि उनकी वर्ष 2016 में हाथरस जिले में नियुक्ति हुई थी, उस समय अन्य जिलों में कोई नियुक्ति नहीं हुई है। उन्होंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि हाथरस में पोस्टिंग दिखाकर बिना ज्वाइन किए अन्य जिलों में तबादले दिखाए गए हैं, उनका तो कभी कोई तबादला हुआ ही नहीं है।
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उन्होंने दावा किया कि उन्होंने करीब एक साल जिला अस्पताल में भी सेवा दी है। अन्य जिलों में उनके नाम से फर्जी कर्मचारियों ने नौकरी की है, जब यहां टीमें पहुंचीं तो यह सभी लोग भाग गए। उन्होंने जब विभाग में ज्वाइनिंग की थी तो उनके सभी दस्तावेजों की जांच के साथ पुलिस विभाग की तरफ से भी उनका सत्यापन हुआ था। उपलब्ध दस्तावेजों में मुरसान सीएचसी पर तैनात टेक्नीशियन अर्पित सिंह की नियुक्ति सीएमओ कार्यालय में वर्ष 2016 में दर्ज है।
मुरसान सीएचसी पर तैनात अर्पित सिंह की जांच शासन स्तर पर चल रही है। इस संबंध में सभी दस्तावेज शासन को भेज दिए गए हैं। संज्ञान में आया है कि बाकी पांच जगहों पर अर्पित के नाम से नौकरी करने वाले भागे हुए हैं। मुरसान में तैनात अर्पित वास्तविक कर्मचारी हैं।-डाॅ. मंजीत सिंह, सीएमओ