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Holi: रंगों के त्योहार पर पड़ा करेंसी का असर, चीनी मुद्रा बदली तो बढ़ गए होली के उत्पादों के दाम

Tue, 10 Feb 2026 03:39 PM IST
चमन शर्मा विनीत चौरसिया, अमर उजाला, हाथरस

सार

आगरा, अलीगढ़, हापुड़, बरेली, पीलीभीत सहित आसपास के क्षेत्रों से व्यापारी बड़ी संख्या में होली का सामान खरीदने के लिए हाथरस पहुंच रहे हैं। इस बार बाजार में नए डिजाइन और कार्टून थीम वाले मास्क, रंग-बिरंगी कैप और आधुनिक डिजाइन की पिचकारियां आईं हैं।
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थोक विक्रेता के यहां पिचकारी व उत्पादों को देखते व्यापारी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चीन की मुद्रा युआन की कीमत में करीब एक रुपये का इजाफा हुआ है। यह 11.95 रुपये से बढ़कर 13 रुपये पर पहुंच गया है। भारतीय मुद्रा में लगभग एक रुपये की गिरावट से वहां से आने वाले होली के मास्क, रंगीन बाल, कैप, पिचकारी और अन्य उत्पादों की थोक कीमतों में आठ प्रतिशत की वृद्धि हो गई है।

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देशभर से हाथरस रंग-गुलाल लेने आने वाले कारोबारी यहां से पिचकारी व अन्य प्रकार के तमाम होली उत्पाद भी लेकर जाते हैं। इसके चलते जनपद होली के लिए पिचकारी, मास्क, टोली आदि उत्पादों की बिक्री का हब बना हुआ है। यहां से प्रदेश के कई जिलों में माल की आपूर्ति की जाती है। आगरा, अलीगढ़, हापुड़, बरेली, पीलीभीत सहित आसपास के क्षेत्रों से व्यापारी बड़ी संख्या में होली का सामान खरीदने के लिए हाथरस पहुंच रहे हैं। इस बार बाजार में नए डिजाइन और कार्टून थीम वाले मास्क, रंग-बिरंगी कैप और आधुनिक डिजाइन की पिचकारियां आईं हैं।
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जनपद में कारोबारी तेजी से माल की बुकिंग करा रहे हैं ताकि समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। थोक व्यापारियों का कहना है कि युआन के मजबूत होने से आयातित सामान की लागत बढ़ी है, जिसका असर खुदरा बाजार तक पहुंच रहा है।

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हाथरस की पहचान रंग-गुलाल और होली उत्पादों के बड़े बाजार के रूप में है। यहां तैयार और आयातित दोनों तरह के उत्पादों की अच्छी खपत होनी शुरू हो गई है। इस साल युआन की कीमत बढऩे से उत्पाद भी महंगे हुए है। इससे ग्राहकों की पसंद और बजट पर भी असर पड़ सकता है।-अनुभव अग्रवाल, होली उत्पादों के थोक विक्रेता
हमें हाथरस से माल लेने में ज्यादा आसानी होती है, क्योंकि एक ही काउंटर पर रंग-गुलाल के साथ देश और चीन में बनी पिचकारी, मास्क आदि दिल्ली से भी कम दामों पर उपलब्ध हो जाते हैं।-सतेन्द्र कुमार, एटा निवासी कारोबारी।
हम कुछ साल पहले तक दिल्ली से माल लेते थे। वहां पैकिंग के लिए कार्टून, सूतली आदि तक के दाम देने पड़ते थे, वहां से ट्रांसपोर्ट भी काफी महंगा है, इसलिए हम करीब तीन साल से हाथरस से ही माल की खरीद कर रहे हैं, इस साल माल कुछ महंगा है।-अंकित कुमार, कासगंज निवासी कारोबारी।

बढ़े दामों पर एक नजर
  • 10 रुपये वाली पिचकारी के थोक दाम अब 10.80 रुपये।
  • 15 रुपये वाली टोपी के थोक दाम अब 16.20 रुपये।
  • 50 रुपये वाली पिचकारी अब थोक में 54 रुपये की।
  • 20 रुपये वाले मास्क की कीमत अब थोक में 21.60 रुपये।
  • 100 रुपये वाले मास्क की कीमत अब 108 रुपये।
  • 200 रुपये वाली पिचकारी अब करीब 216 रुपये की।
  • 150 रुपये वाले कलरफुल बाल अब 162 रुपये में।
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