जिले में 6124 टीबी मरीज
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इसमें जिले में 6124 टीबी मरीज मिले हैं। जिला क्षय रोग केंद्र इस अभियान में मंडल में प्रथम व प्रदेश में तीसरे नंबर पर है। सात दिसंबर 2024 से चल रहे इस अभियान में 4,21,408 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें 1,61,718 की एक्स-रे व 69,603 की बलगम की जांच की गई। इस स्क्रीनिंग में विभाग को 6,124 टीबी मरीज मिले। टीबी हेल्थ विजिटर्स के जरिये इन मरीजों का उपचार शुरू किया गया।
न चेस्ट फिजिशियन, न ही नर्स
अस्पताल की ओपीडी का हाल बुरा है। रोजाना करीब 150 मरीज अपना उपचार कराने यहां पहुंचते हैं। उन्हें परामर्श देने के लिए सिर्फ एक चिकित्सक तैनात हैं। अस्पताल में सबसे महत्वपूर्ण चेस्ट फिजिशियन का पद पिछले सात वर्षों से खाली पड़ा है। रही-सही कसर स्टाफ की कमी ने पूरी कर दी है। पूरे अस्पताल में चार में से एक भी नर्स तैनात नहीं है।
रोजाना होती हैं 40 से 50 जांचें
यहां रोजाना 40 से 50 जांचें की जा रही हैं, लेकिन जब बात गंभीर मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार करने की आती है, तो अस्पताल प्रबंधन हाथ खड़े कर देता है। विशेषज्ञ चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ के अभाव में मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
अस्पताल एक नजर में
- क्षमता : 30 बेड
- मरीज : साल भर में 6124 नए मरीज मिले।
- स्टाफ : चेस्ट फिजिशियन और नर्सों का अभाव।
- कार्य : रोजाना 150 की ओपीडी और 50 टेस्ट हो रहे।