तापमान बढ़ने से मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रविवार को इमरजेंसी वार्ड में बुखार से पीड़ित 25 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इस बीच सर्दी और बुखार से पीड़ित एक मासूम की मौत हो गई।
दिन में धूप तेज हो रही है, इससे तापमान बढ़ रहा है। रविवार को न्यूनतम तापमान 11 और अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम से ही मच्छरों की भिनभिनाहट शुरू हो जाती है, जो रात भर जारी रहती है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी इन मच्छरों की तादाद और बढ़ेगी। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बुखार के करीब 500 मरीज पहुंच रहे हैं। गनीमत ये है कि इनमें से किसी भी मरीज में मलेरिया या डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। चिकित्सकों का कहना है बढ़ता तापमान मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करता है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता जाएगा, मच्छर जनित रोगों का खतरा और बढ़ेगा।
बचाव के उपाय-
-गंदगी न होने दें और साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
-घर व दफ्तरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें।
-मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
-बुखार आने पर योग्य चिकित्सक का परामर्श लें।
सर्दी-बुखार से पीड़ित बच्चे की मौत
हाथरस। कोतवाली सासनी क्षेत्र के खोजनपुर निवासी अमित का दो माह का बेटा यश पिछले तीन चार दिन से सर्दी बुखार से पीड़ित था। शनिवार की रात तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुन कर परिजन शोक में डूब गए और शव लेकर चले गए।
तापमान बढ़ने से मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ा है। वर्तमान में मौसम मच्छरों के अनुकूल है। ऐसे में मच्छर जनित रोगों का खतरा और बढ़ रहा है। लोग मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-डॉ. अवधेश कुमार, फिजीशियन जिला अस्पताल हाथरस।