भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुए मुख्य सफाई निरीक्षक महेश कुमार को 30 जनवरी को मेरठ स्थित भ्रष्टाचार निवारण (एंटी करप्शन) कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। दिनभर नगर पालिका कार्यालय में इसी मामले की चर्चा चलती रही।
नगर पालिका के मुख्य सफाई निरीक्षक(सीएसआई) महेश कुमार एक ठेकेदार के बिलों की फाइल को आगे नहीं बढ़ा रहा था। इन्हें आगे बढ़ाने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। इसकी शिकायत ठेकेदार ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन अलीगढ़ की टीम से शिकायत की थी। ठेकेदार के सात लाख रुपये के बिल बकाया थे।
ठेकेदार ने 29 जनवरी देने के लिए महेश कुमार बागला जिला अस्पताल के बाहर ओवरब्रिज के नीचे एक चाय की दुकान पर बुलाया। जैसे ही उसने रकम महेश कुमार दी, उसे टीम ने दबोच लिया। उसके खिलाफ कोतवाली हाथरस गेट पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। इधर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका रोहित सिंह ने बताया कि मुख्य सफाई निरीक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है।