फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छोटू की मां बोली- हम नहीं चाहते कि बेटे का हो नार्को-पॉलीग्राफ टेस्ट

विज्ञापन
बिटिया के घर की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के जवान। - फोटो : HATHRAS
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
विज्ञापन

चंदपा की बिटिया प्रकरण में खुद को घटना का चश्मदीद बताने वाले छोटू की मां ने उसे नाबालिग बताया है। छोटू की मां का कहना है कि वह नहीं चाहती कि छोटू का नार्को-पॉलीग्राफ टेस्ट हो। वहीं छोटू के भाई का कहना है कि इस घटना के बाद उसका परिवार काफी परेशान है। एक तरह से उनकी रोजी-रोटी छिन गई है। वह अपनी नौकरी पर नहीं जा पा रहा। मवेशियों के लिए चारे तक का इंतजाम नहीं हो पा रहा। उसकी एक गाय बुधवार की रात्रि में मर गई। कुछ मवेशी उसने अपने रिश्तेदारों के यहां भेज दिए हैं।
गौरतलब है कि छोटू का बृहस्पतिवार को सीबीआई ने कोविड टेस्ट कराया था। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। ऐसे में माना जा रहा था कि सीबीआई उसका व कुछ अन्य लोगों का जल्द ही नार्को टेस्ट करा सकती है। छोटू की मां का कहना है कि उनके बेटे से सीबीआई ने यह कहा है कि जल्द उसका नार्को-पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा लेकिन वह नहीं चाहती कि छोटू का यह टेस्ट हो। उनका यह भी कहना है कि यदि छोटू का टेस्ट हो तो फिर उन लोगों का भी टेस्ट हो, जोकि घटना के वक्त मौके पर मौजूद थे। छोटू की मां का कहना है कि हाईस्कूल की मार्कशीट के हिसाब से छोटू अभी नाबालिग है।
विज्ञापन

उसकी उम्र 16 साल है। वहीं छोटू का भाई सोम सिंह इस पूरे मामले से काफी परेशान है। उसका कहना है कि उस पर 12 बीघा खेत था। यह घटना उसके खेत पर हुई तो पुलिस ने काफी दिन तक बाजरे की फसल को नहीं काटने दिया। उसने इसका मुआवजा मांगा तो मुआवजा भी नहीं मिला। बाद में जैसे-तैसे फसल कटी। उसका यह भी कहना है कि वह जयपुर में नौकरी करता है और उसे 18 हजार रुपये महीने मिलते हैं लेकिन एक माह से वह नौकरी पर नहीं जा पा रहा। इस घटना के बाद छोटू को भी उसने वहीं अपने साथ काम पर लगा लिया था लेकिन छोटू केवल दो या तीन दिन ही काम कर पाया। उसे फिर सीबीआई ने बुला लिया। इधर, छोटू ने बताया कि सीबीआई उससे एक-एक दिन में कई-कई बार पूछताछ कर चुकी हैं। उसने बताया कि वह सच बोल रहा है। नार्को टेस्ट तो उनका होना चाहिए जो झूठ बोल रहे है। विदित हो कि बिटिया के परिजन भी नार्को टेस्ट कराने से इंकार कर चुके हैं।
विज्ञापन

छोटू ने खुद को बताया था चश्मदीद
उल्लेखनीय है कि इसी गांव के छोटू का दावा था कि पीड़िता की चीख सुनकर सबसे पहले वही मौके पर पहुंचा था। उस समय पीड़िता घायल अवस्था में खेत में पड़ी थी। उसकी मां व भाई उसके पास खड़े थे। इसके बाद वह एक और आरोपी, जिसे नाबालिग बताया जा रहा है, उसके घर पर घटना की जानकारी देने के लिए गया था। जब वह वहां से लौटा था तो पीड़िता का भाई मौके पर नहीं था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें