हाथरस। बेशक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) लागू होने के बाद जिले में राशन कार्डधारकों की संख्या आधी रह गई है, लेकिन जिले में बड़े पैमाने पर एनएफएसए में मिल रहीं अपात्रों के चयन की शिकायतों के मद्देनजर शासन ने अब फिर से जिले में कार्डधारकों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। अप्रैल महीने में यह अभियान शुरू हो जाएगा। इसके तहत कार्डधारकों के ब्योरे में मिल रही गड़बड़ियों को भी युद्धस्तर पर दूर कराया जाएगा।
इन-दिनों तहसील के आपूर्ति निरीक्षकों के अलावा कलेक्ट्रेट में जिला पूर्ति अधिकारी के कार्यालय में भी राशन कार्डों की गड़बड़िया दूर कराने के लिए भीड़ उमड़ रही है। लेकिन दफ्तर में आ रही भीड़ से बचने के लिए अब विभाग ने डोर-टू-डोर अभियान शुरू करने का फैसला किया है, जिसके तहत न केवल कार्डधारकों की पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का ब्योरा फिर से जमा किया जाएगा, बल्कि उनके नाम, पते, बल्दियत और जाति की गड़बड़ियां भी शुद्ध की जाएंगी।
हालांकि विभाग ने कार्ड से संबंधित शिकायतें दर्ज करने के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 जारी किया है। इस पर भी लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि यदि कोई उपभोक्ता पात्रता की शर्तों को पूरा करते हैं और उसका नाम चयनित लाभार्थी की सूची में नहीं है तो वह अपना आवेदन तहसील स्तर पर आपूर्ति कार्यालय में पेश कर सकता है। पात्र पाए जाने पर उन्हें लाभार्थी की सूची में शामिल कर लिया जाएगा। योजना के तहत गलती से चयनित हो गए अपाऋत्र परिवारों को आगाह किया गया है कि वह तुरंत डीएसओ कार्यालय में संपर्क कर अपना नाम एनएफएसए की सूची से हटवना सुनिश्चित करें, अन्यथा सत्यापन के समय उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ये है जिले में पात्र परिवारों की स्थिति
एक मार्च से लागू हुए खाद्य सुरक्षा कानून के तहत जिले में कुल 16851 अंत्योदय और 2,22,652 अन्य पात्र गृहस्थियों का चयन किया गया है, जिनमें नगरीय क्षेत्र में 1,534 अंत्योदय कार्ड धारक और 46,956 पात्र गृहस्थियां शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 15,317 अंत्योदय कार्डधारक और 1,75,696 पात्र गृहस्थियां शामिल हैं।
योजना में चयनित लाभार्थियों के संबंध में यदि किसी को कोई आपत्ति है तो वह डीएसओ कार्यालय या तहसील स्तर पर आपूर्ति निरीक्षक के कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है। ई-मेल से भी शिकायत भेज सकते हैं।
-सुनील कुमार सिंह, डीएसओ हाथरस