सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) महौ में तैनात एक कर्मचारी की संदिग्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग फेसबुक पर तेजी से वायरल होने के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई है। सीएचसी प्रभारी ने सीएमओ को अपना स्पष्टीकरण दे दिया है। उनका कहना है कि ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है। अब ऑडियो रिकॉर्डिंग की तकनीकी और प्रशासनिक जांच कराई जाएगी।
फेसबुक पर वायरल हुआ ऑडियो
हाल ही में सोशल मीडिया पर महौ सीएचसी से जुड़ी एक ऑडियो क्लिप तेजी से साझा की गई। इसमें कथित तौर पर एक कर्मचारी झोलाछाप को एफआईआर का डर दिखाते हुए सीएचसी प्रभारी से मिलने के लिए दबाव बना रहा है, जबकि झोलाछाप कह रहा है कि वह पिछले महीने ही मिलकर आया था और सात हजार रुपये दिए थे। इस पर दोनों में कहासुनी भी हुई। ऑडियो के सार्वजनिक होते ही स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की छवि पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रभारी ने आरोपों को नकारा
सीएमओ डॉ. वेदप्रकाश ने प्रकरण में सीएचसी प्रभारी डॉ. साहब सिंह से स्पष्टीकरण तलब किया था। विभागीय जानकारी के अनुसार सीएचसी प्रभारी ने स्पष्टीकरण दे दिया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि ऑडियो में आवाज उनकी नहीं है और न ही उन्होंने किसी को धमकाया है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने भी अपना जवाब दिया है।
अनैतिक दबाव बनाने के लिए लगाए आरोप
सीएचसी प्रभारी का कहना है कि ऑडियो के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं और न ही इस तरह की बात उन्होंने किसी से की है। फेसबुक पर उनसे संबंधित पोस्ट डालकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है और अनैतिक दबाव बनाने की कोशिश हो रही है। इस संबंध में वे अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं।
तकनीकी जांच से खुलेगा सच
स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच के संकेत दिए हैं। वायरल ऑडियो को फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे यह साफ हो सके कि आवाज किसकी है और रिकॉर्डिंग के साथ कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। मामले में प्रशासनिक स्तर से जांच समिति गठित किए जाने की संभावना है।
चिकित्सक व कर्मचारी ने अपने जवाब दाखिल कर दिए हैं। उच्च अधिकारियों को प्रकरण से अवगत कराया गया है। उनके निर्देश अनुसार आगे कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. वेदप्रकाश, सीएमओ