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बिटिया के संदीप से थे रिश्ते, बातचीत बंद होने से था खफा

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बिटिया के घर पर तैनात सीआरपीएफ के जवान। - फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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हाथरस कांड में सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में दाखिल किए गए आरोप पत्र में अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में बिटिया के आखिरी बयान को मुख्य आधार माना गया है। बयान में चारों आरोपियों संदीप, रामू, रवि व लवकुश पर सामूहिक दुष्कर्म करने और हत्या का प्रयास करने की बात कही गई थी। सूत्रों की माने तो सीबीआई के आरोप पत्र में कई और अहम तथ्य सामने आए हैं। इसमें यह भी उजागर हुआ है कि मृतका के संदीप के साथ रिश्ते थे। दोनों में फोन पर बात होती थी। बाद में बिटिया की तरफ से बातचीत बंद हो जाने पर वह काफी खफा था। हालांकि, बिटिया के परिजनों ने बातचीत से इंकार किया है।
तीन दिन पहले सीबीआई ने विशेष न्यायालय एससी-एसटी कोर्ट में बिटिया के साथ हुई घटना में चारों आरोपियों संदीप, रवि, रामू और लवकुश के खिलाफ (धारा 376, 376 ए,376 डी.302 व 3(2)(5) एससी-एसटी एक्ट के तहत) आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोप पत्र के मुताबिक, 14 सितंबर को सुबह साढ़े 10 बजे बिटिया के बड़े भाई की शिकायत पर थाना चंदपा में धारा 307 व एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा कायम किया गया था।
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आरोप पत्र के मुताबिक, बिटिया की मां ने पीड़िता से घास काटने के लिए कहा तो उसने थकान और प्यास की बात कहते हुए असमर्थता जताई। इस पर मां ने घास के बंडल को बांधने के लिए कहा और वह दूसरे खेत में चली गई। वहां से करीब 50 मीटर की दूरी पर वह घास काटने लगी। थोड़ी देर में जब बिटिया की मां लौटी तो उसे बिटिया वहां नहीं मिली। इस पर मां ने तलाशना शुरू कर दिया। पास में बिटिया की चप्पल नजर आई। मां ने देखा कि उसकी बेटी बाजरे के खेत में बेसुध पड़ी है। इसी बीच गांव का छोटू वहां पहुंच गया।
मां ने छोटू से कहा कि वह उसके बेटे को बुला लाए। इसी बीच छोटू ने सारी बात बिटिया के घर पर जाकर उसके बड़े भाई की पांच साल की बच्ची को बताई। इसके बाद छोटू अपने घर चला गया। आरोप पत्र में कहा गया है कि छोटू ने अपनी मां और भाई को भी यह बात बताई और ये लोग मौके पर पहुंच गए। सीबीआई ने आरोप पत्र में जिक्र किया है कि इसके बाद भाई और और मां बिटिया को लेकर थाने पहुंच गए। वहां भाई ने तहरीर दी। जहां से बिटिया को हाथरस के जिला अस्पताल लाया गया, वहां से जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ रेफर कर दिया गया।
चार्जशीट के अनुसार, 22 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ फॉरसिंक मेडिसिन एंड टेक्नोलॉजी के हेड डॉ.एमएस हुड्डा ने जब पीड़िता की हालत देखी तो सीएमओ को तुरंत मृत्यु पूर्व बयान दर्ज कराने के लिए कहा। शाम 5.40 बजे नायब तहसीलदार मनीष कुमार तहसील कोल के सामने बिटिया ने आखिरी बयान दिए। बयान में उसने कहा कि संदीप, रामू, रवि व लवकुश ने उसके साथ यह वारदात की है। 28 सितंबर को बिटिया को अलीगढ़ से दिल्ली रेफर किया गया। अगले दिन दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया।
आरोप पत्र के मुताबिक, सीबीआई ने संदीप और पीड़िता के बीच के रिश्तों का खुलासा किया है। जांच में सीबीआई को पता चला कि दोनों के घर नजदीक थे और दोनों में दो-तीन साल से संबंध थे। ग्रामीणों से पूछताछ में यह बात सीबीआई के समक्ष सामने भी आई। यही नहीं आरोपी और उसके पिता की सीडीआर खंगालने पर पता चला कि अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक पीड़िता व संदीप के बीच काफी बातचीत होती थी। बाद में इसकी जानकारी परिजनों को हो गई थी, इस पर दोनों की बातचीत बंद हो गई थी। इस बात से संदीप काफी गुस्से में था। उसे पीड़िता पर शक होने लगा था कि क्योंकि वह उसका फोन नहीं उठा रही थी।
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चार्जशीट के मुताबिक, 22 सितंबर को पीड़िता ने जिन चारों आरोपियों के नाम लिए, वह सभी इसी गांव के आसपास मौजूद थे। कॉल डिटेल से पता चला कि दोनों ने 17 अक्टूबर 2019 से लेकर 3 मार्च 2020 तक आपस में 105 बार कॉल किए। चार्जशीट के मुताबिक पीड़िता की तरफ से भी छह बार संदीप के नंबर पर कॉल की गई। दोनों के परिजनों को जब उनके इस संबंध के बारे में पता चला तो दोनों पक्षों में झगड़ा भी हुआ। सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक यह बात भी जांच में सामने आई। वैसे पीड़िता द्वारा दिया गया आखिरी बयान ही आरोपपत्र का मुख्य आधार बना।
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