सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए बुधवार से जिले में आज से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन लगनी शुरू होगी। जिले के सात सीएचसी पर चिकित्सक व प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में टीका लगाया जाएगा। 15 वर्ष की 16,840 किशोरियों को टीका लगाए जाने का लक्ष्य है।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए बुधवार से 90 दिनों का ट्रायल फेज शुरू किया जा रहा है। शुरुआत में केवल स्वास्थ्य केंद्रों पर ही टीके लगाए जाएंगे, वह भी चिकित्सक की देखरेख में। टीकाकरण का शुभारंभ आठ स्वास्थ्य केंद्रों से होना है, जिनमें सात सीएचसी व एक जिला महिला अस्पताल है। इन्हीं केंद्रों पर कोल्ड चेन की व्यवस्था है। ट्रायल फेज के बाद इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा, जिससे घर-घर जाकर टीका लगाना संभव होगा।
एचपीवी वैक्सीन अभी तक केवल प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध थी। इसकी बाजार में कीमत तीन से चार हजार रुपये तक है। महिलाओं में बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर के मामलों को देखते हुए सरकार इसे टीकाकरण में शामिल करने जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर तबके की किशोरियों को यह वैक्सीन मिल सके।
एसीएमओ डाॅ. राजीव गुप्ता ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है। इसका मुख्य कारण एचपीवी संक्रमण है, जो धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकता है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाॅ. एमआई आलम ने बताया कि पंद्रह वर्ष की किशोरियों को यह टीका लगना है।