बारिश से भीगी गेहूं की कटी फसल। संवाद
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आसमान की ओर टिकी नजरों के बीच खेतों में एक बार फिर नुकसान बिखर गया। मंगलवार को अलीगढ़ से लेकर हाथरस तक कटाई के समय बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
आंधी, बारिश और ओलों ने फसल को जमीन पर ला दिया। अतरौली के किसान पप्पू सिंह ने आसमान की ओर देखते हुए निराशा भरे शब्दों में कहा, साहब, पैदावार ज्यादा होने से आलू बेदाम हुआ और गेहूं से अब उम्मीद बची नहीं। दो हफ्तों में ये दूसरी मार है। अब बारिश हुई तो खेतों में सपने बिखर जाएंगे। हालांकि, पप्पू सिंह का यह डर शाम तक हकीकत बन गया।
आंधी-बारिश ने खेतों में खड़ी फसल को बिछा दिया। अलीगढ़ के गोरई और हाथरस के सादाबाद में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे नुकसान और बढ़ गया। किसानों का कहना है कि लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि आमदनी घटती जा रही है। ऐसे में खेती धीरे-धीरे घाटे का सौदा बनती जा रही है। यदि एक-दो दिन और मौसम का यही मिजाज रहा, तो नुकसान और बढ़ने की आशंका है।