नमकीन उत्पादन के क्षेत्र में अपना अलग स्थान रखने वाले हाथरस के चाचा चौधरी ब्रांड से सम्बंधित फर्मों पर आगरा की सेंट्रल जीएसटी टीम ने छापामारा कार्रवाई की है। कार्रवाई में 24 घंटे से अधिक का समय गुजर चुका है।
सेंट्रल जीएसटी की टीम ने फिर हाथरस की एक नमकीन फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई की है। 22 नवंबर शाम से चल रही ये कार्रवाई 23 नवंबर शाम तक भी जारी रही। एक नामी ब्रांड से संबंधित तीन फैक्ट्रियों पर जीएसटी आगरा की सात टीमों ने एक साथ कार्रवाई की है।
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सेंट्रल जीएसटी की ओर से गांव ढक़पुरा रोड स्थित एक नामी नमकीन फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई की। फैक्ट्री की कुल तीन यूनिट पर एक साथ कार्रवाई की गई है। इसमें ढक़पुरा रोड की दो यूनिट के साथ औद्योगिक क्षेत्र सलेमपुर स्थित फैक्ट्री पर सेंट्रल जीएसटी की टीम पहुंची हैं। सूत्रों की मानें तो आगारा की प्रवर्तन शाखा की ओर से कुल 7 टीमों ने एक साथ कार्रवाई की है। इसमें फैक्ट्रियों पर तमाम दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
बेहद गोपनीय तरीके से हो रही कार्रवाई में फैक्ट्री के किसी भी कर्मचारी को बाहर से अंदर आने व अंदर से बाहर जाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। जानकारी के अनुसार बुधवार शाम तक तीनों फैक्ट्रियों पर सामान्य रूप से काम चला था, लेकिन बृहस्पितिवार को सुबह सही तमाम कर्मचारियों को फोन कर काम पर आने से मना किया गया। वहीं एंकाउंट से सम्बंधित तमाम लोगों को रातभर फैक्ट्री पर ही रुकना पड़ा है।
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तेल रिफाइंड व पैकिंग मटेरियल पर विशेष फोकस
सूत्र बताते हैं कि छापामारी के दौरान टीम का विशेष फोकस मौके पर मिलने वाले तेल रिफाइंड के साथ पैकिंग मटेरियल के स्टाक व प्रयोग की गई मात्रा पर है। इसी आधार पर तैयार माल व उसकी बिक्री के आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है। यहां अहम ये भी है कि टीम की ओर से उन व्यापारियों के जीएसटीएन भी खंगाले जा रहे हैं, जिन्हें माल की आपूर्ति ली व दी जा रही है।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में भी हुई थी छापेमारी
नमकीन उत्पादन के क्षेत्र में अपना अलग स्थान रखने वाले चाचा चौधरी ब्रांड से सम्बंधित फर्म पर वित्तीय वर्ष 2017-18 में भी स्टेट जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा ने कार्रवाई की थी, लेकिन उस समय कार्रवाई सिर्फ एक यूनिट पर की गई थी। जिसमें टीम को अधिक कुछ नहीं मिला था, लेकिन इस बार सेंट्रल जीएसटी की कार्रवाई को बड़ा माना जा रहा है।
सेंट्रल जीएसटी लखनऊ की टीम ने फर्मों पर पहुंचकर जांच की है। इसमें कुछ खास नहीं है, ये रूटीन में है। -पुनीत अग्रवाल, संचालक, सर्वेश्वर फूड, हाथरस।