सीबीआई की जांच में सामने आया कि फर्जी नाम-पते से जारी इन सिमों से देश के दक्षिणी राज्यों में साइबर ठगी की जा रही थी। इनका उपयोग डिजिटल अरेस्ट, फर्जी विज्ञापन, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और यूपीआई फ्रॉड में किया जा रहा था।
बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है राजीव
आरोपी राजीव बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है। पिछले कई साल से सिम कार्ड बेचने का कार्य करता था।