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Hathras: फर्जी सिम बेचने वालों की तलाश में सीबीआई की दबिश, एक हिरासत में, दो फरार

Sat, 17 May 2025 01:23 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

सीबीआई की जांच में सामने आया कि फर्जी नाम-पते से जारी इन सिमों से देश के दक्षिणी राज्यों में साइबर ठगी की जा रही थी। इनका उपयोग डिजिटल अरेस्ट, फर्जी विज्ञापन, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और यूपीआई फ्रॉड में किया जा रहा था।
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सीबीआई - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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साइबर ठगों को फर्जी तरीके से केवाईसी कर सिमकार्ड बेचने वाले रैकेट के खिलाफ छापा मार कार्रवाई के क्रम में सीबीआई ने हाथरस में भी तीन ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान एक युवक को सीबीआई टीम अपने साथ ले गई, जबकि दो फरार हो गए। तीनों के घरों पर करीब 5 घंटे तक चलाए तलाशी अभियान में टीम काफी सिमकार्ड, मोबाइल फोन, बायोमेट्रिक मशीन आदि बरामद कर ले गई है। इनके विषय में उजागर हुआ है कि तीनों युवक गांव-गांव कैनोपी लगाकर सिमकार्ड बेचने व अन्य कंपनियों में पोर्ट करने का काम करते थे।

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कोतवाली चंदपा क्षेत्र के मीतई में सीबीआई दिल्ली के डिप्टी एसपी जेबी वशिष्ठ की अगुवाई में टीम ने दबिश दी। इस दौरान राजीव सागर और मुकेश कुमार के घर पर दबिश देकर छानबीन की। टीम को देखकर मुकेश कुमार तो फरार हो गया। मगर राजीव सागर को पकड़ लिया गया। सूत्रों के अनुसार मुकेश ने ही राजीव को सिम जारी करने व पोर्ट करने का काम सिखाया था। दोनों कैनोपी व फेरी लगाकर ग्राहकों को केवाईसी फेल होने का झांसा देकर दूसरा सिम एक्टिवेट कर अपने पास रख लेते थे।

इन दोनों युवकों ने करीब 150 सिम इसी तरह से एक्टिव कर अपने पास रखी थीं, जिन सिम के जरिए साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था। हालांकि राजीव के परिवारीजनों का कहना है कि राजीव को गलत फंसाया जा रहा है। इधर, टीम ने इन दोनों घरों के बाद देर रात को मेंडू रोड के दारा सिंह के घर पर दबिश मारी। हालांकि दारा सिंह भी अभी फरार हो गया।

सीबीआई की टीम ने दबिश दी थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस टीम मांगी गई थी। फर्जी तौर पर सिम बेचने का मामला था।-चिंरजीवनाथ सिन्हा, एसपी

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इन सिमों से की जाती थी साइबर ठगी

सीबीआई की जांच में सामने आया कि फर्जी नाम-पते से जारी इन सिमों से देश के दक्षिणी राज्यों में साइबर ठगी की जा रही थी। इनका उपयोग डिजिटल अरेस्ट, फर्जी विज्ञापन, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और यूपीआई फ्रॉड में किया जा रहा था।

बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है राजीव
आरोपी राजीव बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है। पिछले कई साल से सिम कार्ड बेचने का कार्य करता था।
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