राणा सांगा पर अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के विरुद्ध दाखिल प्रार्थना पत्र पर सीओ सिटी ने जांच के लिए न्यायालय से फिर समय मांग लिया है। न्यायालय ने सीओ को इस प्रार्थना पत्र पर प्रारंभिक जांच करने के आदेश दिए थे।
न्यायालय ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए आठ मई की तिथि नियत की है।
थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव हतीसा निवासी मतेंद्र सिंह गहलोत ने एमपी/एमएलए कोर्ट दीपकनाथ सरस्वती के न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। उनका आरोप है कि समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने राज्यसभा में जानबूझकर उनके और उनके समाज के पूर्वज महाराणा संग्राम सिंह उर्फ राणा सांगा को सदन में गद्दार बताकर अपमानजनक गाली दी।
आरोप है कि उसके बाद रामजीलाल सुमन ने 22 मार्च 2025 को पुनः सोशल मीडिया के माध्यम से सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने, जातीय संघर्ष फैलाने, सस्ती लोकप्रियता बटोरने की खातिर भड़काऊ बयान देकर भावनाओं को आहत करने के इरादे से सदन में दिए गए वक्तव्य को सही बताकर दोहराया और अपनी टिप्पणी की पुष्टि की। आरोप है कि सुमन ने सच्चे राष्ट्रभक्त, हिंदुत्व के पुरोधा, वीर शिरोमणि, सनातन धर्म के संरक्षक राणा सांगा का अपमान एवं उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल कर उन्हें और उनके समस्त समाज को इरादतन अपमानित किया है, जो अपराध है।