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असलहा फैक्ट्री पकड़ी तमंचों का जखीरा मिला

Mon, 12 Dec 2016 11:37 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
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सादाबाद में असलाह फैक्ट्री से बरामद हथियारों के साथ एसपी दिलीप कुमार पत्रकार वार्ता करते हुए। - फोटो : अमर उजाला
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सादाबाद के मीरपुर गांव के जंगल में एसओजी और सादाबाद पुलिस ने सोमवार को असलहा फैक्ट्री पकड़ी। इस फैक्ट्री से पुलिस को तमंचों का जखीरा और हथियार बनाने का तमाम सामान भी मिला है। पुलिस ने दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया है। आरोपी आसपास जिलों और मध्यप्रदेश में फैक्ट्री में बने हथियारों की सप्लाई करते थे।
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एसपी दिलीप कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि रविवार रात को मिली एक सूचना के बाद एसओजी और सादाबाद पुलिस ने मीरपुर के जंगल में छापेमारी कर इस फैक्ट्री को पकड़ा। मीरपुर में ही एक खेत के ट्यूबवेल से मुख्य आरोपी तमंचा बनाने में माहिर पदम सिंह पुत्र जसवंत सिंह निवासी मीरपुर को दबोच लिया गया।

पदम सिंह के साथ मौजूद इसका साथी अजीत सिंह पुत्र ज्ञान सिंह निवासी कांशीराम कॉलोनी, सूतमील चौराहा, थाना बन्ना देवी, अलीगढ़ को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों का आपराधिक इतिहास है और दोनों पहले भी अवैध हथियार बनाने के आरोप में जेल जा चुके हैं।
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पुलिस ने फैक्ट्री से 315 बोर के 12 तमंचे के अलावा 12 बोर की अधबनी नाल, बॉड़ी, रेती, हथौड़ी, सड़ासी, गोल रेती, ब्लेड, सुम्मी, छेनी, लोहे की रॉड, स्प्रिंग, लोहे की पत्ती, नाल खोलने वाला खटका, लोहे की रिपीट, दो कारतूस के खोखे, लोहे का गुटका (निहाई), लोहे का पखां (धौंकनी), लोहे का बॉक बरामद किया है। 

एसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि वह पिछले 15-20 साल से अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री चला रहे हैं। अवैध हथियारों को आरोपी हाथरस, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, बुलंदशहर और मध्यप्रदेश में बेचा करते थे।

एसपी ने बताया कि एक तमंचा तैयार करने में 400 रुपये की लागत आती है और आरोपी इसे ढाई हजार रुपये में बेचकर मोटी रकम जुटाते थे। चुनाव से पहले पुलिस की कोशिश आसपास जनपदों से यहां होने वाली अवैध असलहे की तस्करी पर लगाम लगाने के साथ-साथ असलहों की फैक्ट्री पकड़ने पर भी है।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ में दूसरे जिलों में इस तरह की फै क्ट्री होने का पता चला है। बाकी आरोपियों को चिह्नित कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। प्रेसवार्ता में एएसपी संसार सिंह और सीओ मनीषा सिंह शामिल थीं। 

एसपी दिलीप कुमार ने असलहा फैक्ट्री पकड़ने वाली टीम को पांच हजार का ईनाम देने का ऐलान किया है वहीं डीआईजी आरपी सिंह यादव ने दस हजार रुपये का इनाम दिया है। आईजी सुजीत पांडेय ने भी पुलिस टीम की सराहना की है।
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