विधानसभा चुनाव की आहट के बीच जिला प्रशासन मतदाता सूची को अंतिम रूप देने में जुट गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने दो जनवरी तक हर सूरत में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन करने का आदेश दिया है।
यही वजह है कि जिले की चारों तहसीलों में इन-दिनों वोटर लिस्ट की ऑनलाइन फीडिंग का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। 15 दिसंबर तक सभी बीएलओ और सुपरवाइजर को यह काम पूरा कराना है, जिसके बाद वोटर लिस्ट की हार्ड कॉपी की छपाई कराई जाएगी और तय तिथि तक उसे जनसाधारण के अवलोकनार्थ जारी कर दिया जाएगा।
दरअसल, मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए पिछले छह महीने के भीतर जिले में कम से कम चार बार विशेष अभियान चलाया जा चुका है। नवंबर महीने में भी आयोग ने वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के लिए अभियान चलवाया था।
इसके तहत वोटर लिस्ट में नाम बढ़वाने, हटवाने और त्रुटियां दूर कराने के लिए दो बार विशेष अभियान चलाया गया। 15 नवंबर तक यह अभियान चलाया गया। हालांकि यह अभियान नोटबंदी के शोर-शराबे की भेंट चढ़ गया।
माना जा रहा था कि आयोग नोटबंदी के चलते वोटर लिस्ट में नाम बढ़वाने, हटवाने या एक से दूसरे मतदान केंद्र पर शिफ्ट कराने से चूके मतदाताओं को सुधार का एक और मौका देगा, लेकिन आयोग ने ऐसा नहीं किया, जिससे साफ है कि अब आयोग जल्द ही विधानसभा चुनाव कराने के मूड में दिख रहा है।
अब आयोग ने सभी जिलों के डीएम को आदेश दिए हैं कि वह दो जनवरी तक अंतिम मतदाता सूची जारी करने की व्यवस्था कराएं। यही वजह है कि प्रशासन ने वोटर लिस्ट की ऑनलाइन फीडिंग का काम तेज करा दिया है।
अब तक करीब 80 फीसदी फॉर्मों की फीडिंग का काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि दो जनवरी तक हर सूरत में वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा।
वोटर लिस्ट की ऑनलाइन फीडिंग का ज्यादातर काम हो चुका है। बाकी काम भी पूरी गति से चल रहा है। तय वक्त पर अंतिम सूची प्रकाशित कराने के पूरे प्रयास किए जाएंगे।
- अली हसन कर्नी, अपर जिलाधिकारी हाथरस