शहर और देहात में करवा चौथ का पर्व शनिवार को पूरे उत्साह से मनाया गया। सुहागिनों ने अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर पूरे दिन निर्जला उपवास रखा। शाम को सामूहिक और एकल रूप से भगवान गणगौर और चौथ माता की पूजा की। चंद्रोदय के बाद चंद्रदेव को अर्घ्य देकर पति के चेहरे के दर्शन करने के बाद उपवास खोला।
बुधवार की शाम को चांद का दीदार होने के साथ ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया था। शाम होते ही लोग घरों की छतों पर पहुंचकर चांद निकलने का इंतजार करने लगे। चांद निकलते ही सुहागिनें पूजा की थाली और मिट्टी के करवों में जल लेकर छत पर पहुंच र्गइं। सुहागिनों ने छलनी में चांद का दीदार कर गंगाजल से चंद्रदेव को अर्घ्य दिया।
पूजा की थाली में दीपक जलाकर आरती भी उतारी। चांद निकलने से पहले सुहागिनों ने शाम को सोलह शृंगार कर करवा चौथ की प्रचलित कहानियां सुनीं और सुनाईं। चौथ माता और गणगौर की पूजा-अर्चना कर अपने सुहाग की रक्षा और उनकी सुख-समृद्धि की कामना भी की। चंद्रदेव को अर्घ्य देेने के बाद अपने पति के हाथ से गंगाजल पीकर निर्जला व्रत को समाप्त किया।
हाथरस। त्योहारों के मौसम में शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई है। कई जगह लोग जाम से जूझते हुए नजर आए। इधर, प्रशासन बाजारों में नो एंट्री की व्यवस्था को लागू नहीं करा पाया। बुधवार को करवा चौथ पर्व पर त्योहारी सामग्री की खरीदारी के लिए शहर के कई मार्ग पर सुबह से लेकर शाम तक लोगों को सुबह से देर शाम तक जाम के हालातों से जूझना पड़ा। खरीदारी करने बाजार आ रही महिलाएं भी जाम को लेकर काफी परेशान दिखाई दीं।
वहीं हसायन में करवाचौथ पर्व पर भरपूर बिजली देने के शासन के आदेश जिले में दम तोड़ते नजर आए। हसायन और महौ फीडरों से उर्जीकृत लगभग 50 गंाव में अंधेरा छाया रहा। 24 घंटे से ज्यादा समय तक इन गांव के लोगों को बिजली नहीं मिल सकी। कस्बा हसायन के गुस्साए लोगों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
जिले के अधिकारियों की अनदेखी जनता पर भारी पड़ रही है। शासन के निर्देशों के बाद भी लोगों को भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही। ऐसे में सरकार के खिलाफ भी लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। करवा चौथ के दिन शहर और कस्बोें में विद्युत समस्याओं को दूर करने के नाम पर तीन से चार घंटे की कटौती हुई।
हसायन और महौ फीडर भी मंगलवार की दोपहर 12 बजे सलेमपुर रेलवे लाइन के लिए जा रही विद्युत लाइन में हुए फॉल्ट की वजह से बंद हो गए। बुधवार की शाम तक फीडरों की बिजली सुचारू न होने से करीब 50 गांव में बिजली संकट कायम रहा। करवा चौथ के दिन बिजली गुल रहने से लोगों में काफी आक्रोश रहा। गुस्साए लोगों ने बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस संबंध में जेई मुंशीलाल से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन बंद आया।