बाजार में अतिक्रमण हटाने को लेकर अनेक घोषणाएं की गई, चेतावनी जारी की गई, लेकिन अभियान नहीं चलाया जा सका था। जिससे बाजारों में पैदल चलना मुश्किल हो गया था। बुधवार को एसडीएम, सीओ, इंस्पेक्टर क्राइम, ईओ, जेई पुलिस के साथ बुलडोजर लेकर बाजार में आ गए।
बुधवार को पालिका प्रशासन और पुलिस के संयुक्त अभियान में अतिक्रमण अभियान चलाया गया। जिसमें बुलडोजर से दुकानों के बाहर लगे टिनशेड और चबूतरों को गिरा दिया गया। अवैध निर्माण ढहाकर सामान ट्रैक्टरों में लाद दिया गया।
विज्ञापन
नाली के ऊपर अतिक्रमण कर बनाए गए चबूतरों को तोड़कर नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई के खिलाफ व्यापारी लामबंद हो गए तथा अभियान का विरोध शुरू हो गया। इससे अभियान धीमा पड़ गया। टीन टप्पर तोड़ने से व्यापारियों को खासा नुकसान हुआ। अनेक दुकानदारों पर जुर्माना लगा कर पालिका ने रसीदें काटी।
बता दें कि बाजार में अतिक्रमण हटाने को लेकर अनेक घोषणाएं की गई, चेतावनी जारी की गई, लेकिन अभियान नहीं चलाया जा सका था। जिससे बाजारों में पैदल चलना मुश्किल हो गया था। बुधवार को एसडीएम वेदसिंह चौहान, सीओ डॉ अरविंद कुमार, इंस्पेक्टर क्राइम ओमप्रकाश सिंह, ईओ श्रीचंद्र, जेई पारूल दीक्षित पुलिस के साथ बुलडोजर लेकर बाजार में आ गए।
विज्ञापन
आते ही दुकानों के ऊपर पड़ी टीनों को ढहाना चालू कर दिया। जिससे दुकानदारों में अफरातफरी मच गई। कुछ ही दुकानदार अपनी टीन हटा पाये बाकी को बुलडोजर ने गिरा दिया। कुछ देर में व्यापारी एकत्रित हो गए और विरोध शुरू हो गया। दुकानदारों ने कहा कि अवैध कब्जा हटाने के लिए पहले चेतावनी तो जारी की जाए। व्यापारी नेताओं का कहना था कि नाले और नाली के ऊपर से तख्त हटाना उचित है, लेकिन ऊपर पड़ी टीन से क्या परेशानी आ रही थी। धूप, बारिश से बचने के लिए व्यापारियों ने टीन डाली है।
व्यापारी विरोध करने लगे कि पालिका पहले अपनी जमीन से अतिक्रमण हटाए। करोड़ों की जमीन पर अतिक्रमण हो गए हैं, उसको लेकर पालिका चुप क्यों है। व्यापारियों की अधिकारियों से नोंकझोक भी हुई। इसके बाद कई दुकादानदारों पर जुर्माना लगा कर रसीद काटी गई। इसके बाद चूड़ी मार्केट से होते हुए अतिक्रमण दस्ता चला गया। अतिक्रमण हटने के बाद नयागंज बाजार से तिराहा बाजार तक बाजार की चौड़ाई काफी हो गई। जिससे वाहन सवारों और राहगीरों ने राहत महसूस की है।