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बुद्ध ने लिखा सत्य-अहिंसा का नया अध्याय

Fri, 20 May 2016 11:39 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
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हाथरस। दुनिया भर में अहिंसा व भाईचारे का संदेश फैलाने वाले महात्मा बुद्ध भारत ही नहीं, बल्कि एशिया के अधिकांश देशों में रहने वालों के लिए अवतार बनकर आए। सत्य, अहिंसा का नया अध्याय लिखने वाले महात्मा बुद्ध की जयंती यानि बुद्ध पूर्णिमा के लिए बौद्ध मत के अनुयायियों ने तैयारी कर रखी है।
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केंद्र सरकार ने भगवान बुद्ध के महा परिनिर्वाण के 2550वें वर्ष पर एक डाक टिकट भी जारी किया। यह टिकट अब तक की सबसे लंबी चौड़ी टिकटों में से एक है। इसकी शीट पर पांच-पांच रुपये कीमती की छह टिकटें छपी हुई हैं। रंगीन कवर की इन टिकटों पर भगवान बुद्ध के कई रूप प्रदर्शित किए गए हैं। यह बेहद दुर्लभ टिकट शहर में पुरानी चीजों के संग्रह के शौकीन सराफा कारोबारी शैलेंद्र वार्ष्णेय के संग्रह में उपलब्ध है। बौद्ध अनुयायियों की मानें तो इस मत को मानने वालों की तादाद थमी नहीं है। भगवान बुद्ध ने कहा था कि संसार में व्याप्त दुखों के लिए सांसारिक वस्तुओं की इच्छा व कामना जिम्मेदार है। उन्होंने कहा था कि दुखों से छुटकारा पाने के लिए जरूरी है कि मनुष्य को किसी बात के लिए अति नहीं करनी चाहिए। संतुलित जीव जीना चाहिए। अहिंसा का पालन करना चाहिए। घृणा को घृणा से नहीं, प्रेम से जीतना चाहिए। दूसरों को दुख देकर प्रसन्न होना अच्छी बात नहीं है। अशांति और भागदौड़ के इस युग में हर किसी को बुद्ध के सिद्धांतों की जरूरत है।


किसी चौराहे पर लगवाएं बुद्ध प्रतिमा
बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर शहर और क्षेत्र में कई जगहों पर कार्यक्रमों की धूम रहेगी। कहीं विचार गोष्ठी तो कहीं धम्म दीक्षा के कार्यक्रम होंगे। व्यापारी नेता अनिल वार्ष्णेय और शैलेंद्र सराफ ने शासन-प्रशासन से बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर जिला मुख्यालय के किसी प्रमुख चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित कराने की मांग की है।
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