लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा एक और पायदान नीचे खिसक गई है। अभी तक के लोकसभा चुनाव में दूसरे पायदान पर रहने वाली बसपा इस बार दो लाख से अधिक मत पाने के बाद भी तीसरे स्थान पर पहुंच गई है, जबकि लोकसभा चुनाव 1996 से 2019 तक लगातार बसपा हाथरस में दूसरे स्थान पर रही है, लेकिन इस बार 2,01,263 मत मिलने के बाद भी तीसरे स्थान पर खिसक गई है।
लोकसभा सीट हाथरस पर कभी भी बहुजन समाज पार्टी का कब्जा नहीं रहा, लेकिन लोकसभा चुनाव 1996 से लगातार बसपा ने अपने आप को दूसरे स्थान पर बनाए रखा था। तब बसपा के रणवीर सिंह कश्यप 95,268 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 1998 के लोकसभा के मध्यावधि चुनाव में बसपा से गंगाप्रसाद पुष्कर कहीं अधिक बढ़त हासिल करते हुए 1,19,229 मत पाकर फिर दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 1999 में फिर मध्यावधि चुनाव हुआ तो पार्टी ने फिर बसपा ने गंगाप्रसाद पुष्कर पर विश्वास जताया। इस चुनाव में बसपा 1,09,846 मत पाकर फिर दूसरे स्थान पर रही।
इसके बाद वर्ष 2004 में रामवीर भैयाजी को रालोद गठबंधन के साथ 1,52,212 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रही। वर्ष 2009 में राजेंद्र कुमार भी 2,11,060 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2014 में मनोज सोनी भी 2,17,895 मत लेकर दूसरे स्थान पर रहे। वहीं वर्ष 2019 में बसपा गठबंधन से सपा के प्रत्याशी को 4,24,091 मत मिले और वह दूसरे स्थान पर रहे। अब लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा ने आगरा के हेमबाबू धनगर को मैदान में उतारा, उन्हें कुल 2,01,263 मत मिले, लेकिन उनसे अधिक 3,07, 428 मत सपा प्रत्याशी जसवीर वाल्मीकि को मिले और उन्होंने बसपा प्रत्याशी को एक पाएदान नीचे खिसकाते हुए अपने को दूसरे स्थान पर काबिज किया।