समाजवादी पार्टी के बाद बहुजन समाज पार्टी ने भी हाथरस (सुरक्षित) विधानसभा सीट से प्रत्याशी बदलने का फैसला कर लिया है। मौजूदा हाथरस विधायक और बसपा प्रत्याशी गेंदालाल चौधरी की अधिक उम्र और खराब सेहत को देखते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने उनसे इस बार चुनाव नहीं लड़ने को कहा है।
पार्टी ने उनकी जगह किसी दूसरे चेहरे को चुनाव लड़ाने का निर्णय लिया है। इसकी पुष्टि खुद पार्टी के जोनल को-ऑर्डिनेटर डॉ.रामकुमार कुरील ने भी फोन पर ‘अमर उजाला’ से बातचीत में की है।
कुरील ने बताया कि विधायक गेंदालाल चौधरी का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता और उनकी उम्र भी अधिक हो चुकी है।
लिहाजा पार्टी अध्यक्ष मायावती ने विधायक को लखनऊ बुलाकर इस सिलसिले में उनसे गंभीरता से बात की। को-ऑर्डिनेटर ने बताया की मेरी मौजूदगी में ही पार्टी अध्यक्ष बहन मायावती ने विधायक से कहा कि चूंकि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है और विधानसभा चुनाव में काफी भागदौड़ भी करनी होगी। और फिर वह पहले ही लगातार दो बार पार्टी के टिकट पर विधायक बन चुके हैं, इसलिए वह इस बार हाथरस से चुनाव नहीं लड़ें और संगठन के लिए मेहनत से काम करें।
उन्हें पार्टी और संगठन में पूरा सम्मान दिया जाएगा। को-ऑर्डिनेटर कुरील ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष ने गेंदालाल चौधरी की जगह किसी स्थानीय युवा और तेज-तर्रार चेहरे की तलाश करने के निर्देश दिए हैं। को-ऑर्डिनेटर ने बताया कि पार्टी ने यह तय कर लिया है कि गेंदालाल चौधरी इस बार हाथरस से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
उनकी जगह किसी स्थानीय युवा चेहरे को ही चुनाव लड़ाया जाए। इसकी अधिकारिक घोषणा भी बहुत जल्द की जाएगी। इस बारे में विधायक गेंदालाल चौधरी और उनके पुत्र जिला पंचायत सदस्य पंकज चौधरी से भी फोन पर बात करने की कई बार कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
बसपा के जोनल को-ऑर्डिनेटर रामकुमार कुरील 15 अक्तूबर की रात को यहां पहुंच रहे हैं। संभवतया वह हाथरस में पार्टी के नए प्रत्याशी के चयन को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सलाह-मशविरा करेंगे। उन्हें 16 अक्तूबर को यहां एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेना है। उसके बाद वह अलीगढ़ चले जाएंगे।
मैने अभी तक विधायक की टिकट कटने की अफवाहें सुनी हैं। मेरे पास पार्टी हाईकमान का कोई आदेश नहीं आया है। जब तक आदेश नहीं आएगा, तब तक मैं इस बारे में कुछ भी नहीं कह सकता।
-दिनेश देशमुख, बसपा जिलाध्यक्ष हाथरस