बसपा प्रमुख मायावती पर विवादित टिप्पणी से सुर्खियों में आए भाजपा के निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह ने रविवार को यहां बसपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पैसे की खातिर बसपा दिन में तीन बार टिकट बदल सकती है।
प्रदेश में अगर बसपा सरकार आ गई तो मान लो गुंडे-माफिया की सरकार बन जाएगी। पैसा पैदा करके इस पार्टी को देना होगा। जब बसपा की सरकार नहीं है तो गुंडागर्दी का ये हाल है। अगर सरकार बनी तो क्या हाल होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है। पूर्व में बसपा सवर्णों को लेकर कैसी टिप्पणियां कर चुकी है, यह बात किसी से छिपी नहीं है।
क्षेत्र के गांव टीकरी खुर्द में आयोजित स्वाभिमान सम्मान बचाओ सम्मेलन में वक्ताओं ने दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह को सिंहनी, रानी लक्ष्मीबाई जैसी उपाधियों से अलंकृत किया।
पूर्व विधायक और सिकंदराराऊ के सपा प्रत्याशी यशपाल सिंह चौहान ने कहा कि दयाशंकर सिंह ने भाजपा में लंबे समय तक सेवाएं दीं, लेकिन भाजपा ने उनको तत्काल पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाकर बसपा के सामने डाल दिया। स्वाति सिंह के संदर्भ में चौहान ने कहा वे स्वाति नक्षत्र की वो बूंद हैं, जो सीप में मोती बनती है।
अलीगढ़ के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष रक्षपाल सिंह ने कहा कि उनके तीन प्रस्ताव हैं। पहला ये कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अनुरोध किया जाएगा कि दयाशंकर की तरह उनके परिवार की महिलाओं और बेटियों पर अभद्र टिप्पणी करने वाले बसपाइयों को भी गिरफ्तार किया जाए। भाजपा उनकी पार्टी में ससम्मान वापसी करे या खुले मंच से ऐलान करे कि दयाशंकर सिंह गुनहगार हैं। उन्होंने कहा अब आरक्षण सवर्णों को मिलना चाहिए।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि जब तक क्षत्रिय जनप्रतिनिधि लोकसभा और विधानसभा में दमदारी से आवाज नहंी उठाएंगे। तब तक उनको उनका हक नहीं मिलने वाला। सवर्ण समाज के वोट दिन-प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं, इसलिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए। बच्चों को उच्च शिक्षा दिलानी होगी। स्वाति सिंह के बारे में कहा कि उन्होंने मायावती के रूप में ऐसी महिला को करारा जबाव दिया है, जोकि किसी का सम्मान करना नहीं जानती।
स्वाति का ये संघर्ष इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। किसान नेता नौबत सिंह ने कहा कि दयांशकर सिंह को पार्टी से निकालने के बाद भाजपा कह रही है नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में, आखिर दोनों चीजें कैसे चल सकती हैं? आगामी चुनाव नहीं, बल्कि महासंग्राम होगा।